अनुष्का ने निकाली गावस्कर पर भड़ास, बेटे का तंज कहा, ‘एग्जाम में ऐसे ही लोग होते हैं फेल’

नई दिल्ली. भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) और विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma)के बीच विवादित मामला गरमाता जा रहा है। दरअसल गुरुवार को बैंगलोर रॉयल चैंलेजर्स के मैच के दौरान गावस्कर ने कहा था कि, ‘विराट ने लॉकडाउन में अनुष्का की गेंदों पर प्रैक्टिस की थी’, जिसपर अनुष्का ने सोशल मीडिया पर गावस्कार के खिलाफ लंबा चौड़ा पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। अब इस मामले में  गावस्कर के बेटे रोहन गावस्कर (Rohan Gavaskar) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अनुष्का का नाम ना लेते हुए लिखा कि, दोबारा न पढ़ने पर लोग एग्जाम में फेल होते हैं।  

रोहन गावस्कर का ट्वीट 

रोहन गावस्कर ने ट्वीट कर लोगों को ये बताने की कोशिश की है कि, उनके पिता की कॉमेंट्री को ठीक से सुने बिना प्रतिक्रिया दी गई है। खुद सुनील गावस्कर ने भी कहा था कि उनकी बातों को ठीक से समझा नहीं गया। रोहन गावस्कर ने अनुष्का का नाम तो नहीं लिया पर साफ तौर पर देखा जा सकता है कि, ट्वीट के जरिये रोहन ने अनुष्का पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है, ‘चॉकलेट से प्यार है। फिर से पढ़ों। इस तरह लोग एग्जाम में फेल हो जाते हैं।’

गावस्कर ने दी आरोपों पर सफाई 

सोशल मीडिया पर गावस्कर ने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि, उन्होंने अनुष्का पर ‘महिला विरोधी टिप्पणी’ की थी। उन्होंने कहा, ‘ मैं उनमें से हूं, जिसने हमेशा दौरे पर खिलाड़ियों के साथ पत्नियों को ले जाने की वकालत की है।  मैंने हमेशा कहा है कि, जब आम नौकरीपेशा इंसान नौ से पांच तक ऑफिस में काम करके घर आता है तो वो अपनी पत्नी के पास वापस आता है, उसी तरह क्रिकेटर के साथ उनकी पत्नियां क्यों नहीं हो सकतीं?’ उन्होंने अपनी टिप्पणी को समझाने की कोशिश करते हुए कहा, ‘ आप कमेंट्री में सुन सकते हैं कि आकाश (चोपड़ा) इस तथ्य के बारे में बात कर रहे थे कि लॉकडाउन में किसी को भी उचित अभ्यास के लिए बहुत कम मौका मिला। उन्होंने मेरी बातों को ठीक से सुने बिना प्रतिक्रिया दी है।”

अनुष्का शर्मा का गावस्कर पर तंज 

अनुष्का ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है, ‘मिस्टर गावस्कर, आपका मैसेज काफी विचलित करने वाला तथ्य है, लेकिन मैं आपको यह समझाना पसंद करूंगी कि आपने एक पत्नी पर उसके पति के प्रदर्शन को लेकर उस पर आरोप लगाने के बारे में क्यों सोचा? मुझे यकीन है कि पिछले कुछ वर्षों में आपने खेल पर टिप्पणी करते हुए हर क्रिकेटर के निजी जीवन का सम्मान किया है. क्या आपको नहीं लगता कि आपको मेरे और हमारे लिए समान सम्मान होना चाहिए?’