‘भुवनेश्वर कुमार से आप शोएब अख़्तर नहीं बन सकते’, इरफान पठान ने किसे दी हिदायत

    -विनय कुमार 

    अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान (Irfan Pathan Hat trick in Test Cricket) ने कहा है कि तेज गेंदबाजों को कुछ अतिरिक्त स्पीड के लिए अपनी गेंदबाजी की स्विंग का त्याग नहीं करना चाहिए, क्योंकि भुवनेश्वर कुमार (Bhuvaneshwar Kumar) से शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) बनना असंभव है।

    इरफ़ान पठान ने भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाज़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि, एक स्विंग गेंदबाज दुनिया में कहीं भी अपनी छाप छोड़ सकता है। और, तेज गेंदबाजी (fast bowling) का मतलब बहुत तेज गति से गेंद फेंकना नहीं है। ‘The Play Field’ मैगज़ीन के अपने कॉलम में इरफ़न  पठान ने कहा कि 130-135 किमी प्रति घंटे के बीच गेंदबाजी करते हुए गेंद को स्विंग करना सही है।

    भुवनेश्वर कुमार से शोएब अख़र नहीं बन सकते-

    इरफ़ान पठान का ये भी मानना है कि स्विंग गेंदबाज़ अपनी गेंदबाजी में वेरिएशन ला सकते हैं, साथ ही यॉर्कर भी डाल सकते हैं। और सिर्फ ज्यादा स्पीड के लिए जाना अच्छा फैसला नहीं है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजी की ट्रेनिंग या क्लास में आने वाले परिणाम से हताश होने की जरूरत नहीं है। आप भुवनेश्वर (Bhuvaneshwar Kumar) से शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) नहीं बन सकते। यह असंभव है। आप अपनी स्विंग खो देंगे। फिर भी आप बल्लेबाज को अपनी गेंद के सामने घुटने टेकने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे।”

    स्वाभाविक स्विंग के साथ चलें-

    इरफ़ान पठान ने कहा, “गेंदबाजों को मेरा एक सुझाव(suggestion) है कि सिर्फ़ गति को ज्यादा बढ़ाने के लिए स्विंग (swing) का त्याग नहीं करना चाहिए। यह आपको फंसा देगा। जो बोलिंग स्पीड स्विंग गेंदबाजी के लिए आइडियल है उसके साथ बने रहें। एक स्विंग गेंदबाज आम तौर पर 130-135 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के लिए पसीना बहाता है, जो वैज्ञानिक तौर पर अधिकतम स्विंग पाने के लिए ताकत  की सबसे अच्छी रेंज भी होती है। लेकिन, अगर वही गेंदबाज यॉर्कर (yorker) या धीमी गति (slow bowling) से या कटर (cutter bowling) को उस गति से फेंक सकता है, तो वह दुनिया में कहीं भी अपना दमखम बनाए रख सकता है।”

    रिवर्स एक अलग कला है-

    इरफ़ान पठान ने कहा, “अगर बोलर की फिटनेस अच्छी है, तो वह अपनी इच्छानुसार कितनी भी यॉर्कर फेंक सकता है। और वह दोनों तरह से अपनी गेंदों को स्विंग कर सकता है। यह एक रियलिटी है कि आपको पुरानी गेंद के साथ वैसी स्विंग नहीं मिलेगी, जितनी नई गेंद के साथ। क्योंकि रिवर्स (reverse swings) एक अलग चीज़ है। लेकिन, अगर आप अच्छी धीमी या यॉर्कर गेंदबाजी (yorker or slow bowling) कर सकते हैं, तो आप अपनी गेंदबाजी में वेरिएशन ला सकते हैं।”

    गौरतलब है कि, टीम इंडिया के मारक तेज़ गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (Bhuvaneshwar Kumar) एक साल से ज्यादा हो गए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर रहे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट बॉल क्रिकेट (White Ball Cricket India vs England) गेंद की भारत में खेली गई हालिया सीरीज में शानदार वापसी की। भुवनेश्वर कुमार, जो अपनी बेहतरीन स्विंग के लिए जाने जाते हैं, ने 3 एकदिवसीय मैचों (ODI matches against England) में 6 विकेट लिए और 5 T20I में 4 विकेट हासिल किए। इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी ऑर्डर के सामने इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 5 मैचों की T20I सीरीज में भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी की इक इकॉनमी 6.38 की रही।