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    नई दिल्ली. ठीक एक महीने बाद शुरू होने जा रहे टोक्यो ओलंपिक में भारतीय दल से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद जताते हुए खेलमंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि देश में ओलंपियनों को क्रिकेटरों की तरह लोकप्रिय बनाने के प्रयास किये जाने चाहिये। टोक्यो ओलंपिक में पदक उम्मीद के बारे में पूछने पर खेलमंत्री ने कहा कि वह कोई कयास नहीं लगाना चाहते लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। उन्होंने 23 जुलाई से शुरू हो रहे खेलों से एक महीना पूर्व एक आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा,‘‘क्रिकेट और पांच दशक पहले हॉकी को छोड़कर भारत किसी खेल में महाशक्ति नहीं रहा। हमारा इतना बड़ा देश है और यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन ओलंपिक में अधिक पदक नहीं मिलते।”  

    उन्होंने कहा,‘‘मैं टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों से संतुष्ट हूं और खिलाड़ियों को तैयारी के सर्वश्रेष्ठ अवसर दिये गए है। चार साल में सालाना अभ्यास और प्रतिस्पर्धा कैलेंडर (एसीटीसी) के तहत 1100 करोड़ रूपये खर्च किये गए हैं। हम पूरी तैयारी के साथ बड़ा दल भेज रहे हैं और उम्मीद है कि प्रदर्शन भी अब तक का सर्वश्रेष्ठ होगा।” रीजीजू ने कहा ,‘‘खिलाड़ियों ने विदेश में, बेंगलुरू, पुणे , हैदराबाद साइ केंद्रों पर और एनआईएस पटियाला में सारी सुविधाओं के साथ अभ्यास किया है। हमें उनसे काफी अपेक्षायें हैं।” टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिये भारतीय क्रिकेट बोर्ड से मिली 10 करोड़ रूपये की मदद के बारे में पूछने पर खेलमंत्री ने कहा,‘‘हर भारतीय को और हर संगठन को ओलंपिक अभियान में मदद करनी चाहिये। बीसीसीआई काफी सक्षम ईकाई है और वे मदद करना चाहते थे। वे यह रकम भारतीय ओलंपिक संघ को देंगे और वही देखेगा कि इसका कैसे इस्तेमाल करना है।”  

    टोक्यो ओलंपिक जाने वाले खिलाड़ियों के टीकाकरण के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा,‘‘करीब 99 प्रतिशत खिलाड़ियों, कोचों, सहयोगी स्टाफ को टीके का पहला डोज लग चुका है। दूसरा डोज लगने की प्रक्रिया जारी है। उन्हें कोरोना योद्धाओं की तरह प्राथमिकता के आधार पर टीके लग रहे हैं । विदेश में तैयारी में जुटे खिलाड़ियों को दूतावासों के जरिये टीके लगवाये जा रहे हैं।” टोक्यो  में किसी भारतीय के कोरोना संक्रमण का शिकार होने पर क्या व्यवस्था रहेगी, यह पूछने पर खेलमंत्री ने कहा ,‘‘ टोक्यो  में बंदोबस्त मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है लेकिन हमने जापान स्थित अपने दूतावास में ओलंपिक प्रकोष्ठ बनाया है जो खिलाड़ियों को पूरा बैकअप सहयोग देगा ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा नहीं हो ।” भारतीय दल के आधिकारिक विदाई समारोह के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा,‘‘कोरोना महामारी के बीच यह समारोह वर्चुअल ही होगा और मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसमें शामिल होने का अनुरोध करूंगा। यह 17 या 18 जुलाई को भारतीय दल के रवाना होने से पहले होगा। इस पर काम चल रहा है।”  

    रीजीजू ने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के कारण भारत के प्रशंसक टोक्यो  नहीं सकते और स्टेडियम में दर्शक भी नहीं के बराबर होंगे लेकिन हम ‘चीयर फोर इंडिया’ मुहिम से अपने दल का हौसला बढायेंगे।’ उन्होंने कहा,‘‘मुझे यह देखकर दुख होता है कि हमारे देश में क्रिकेटरों को सभी जानते हैं लेकिन ओलंपियनों को नहीं जबकि यह दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन है। मसलन तेजिंदर पाल तूर एशियाई स्वर्ण पदक विजेता है और ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुका है लेकिन उसे कितने लोग जानते हैं। इंस्टाग्राम पर उसके मात्र दो हजार फॉलोअर हैं। ऐसा क्यो।” 

    टोक्यो ओलंपिक के लिये मंत्रालय ने ‘ओलंपिक की आशा’ लघु फिल्म भी बनाई है जिसमें ओलंपियनों के सफर की लघुकथा कही गई है ।इसके अलावा टोक्यो  ओलंपिक के लिये भारत का थीम गीत भी कल लांच होगा। रीजीजू ने कहा,‘‘ओलंपिक के लिये हमारा थीम गीत पार्श्वगायक मोहित चौहान ने गाया है और कल सभी के सामने होगा। इसके साथ ही विभिन्न स्टेडियमों और मशहूर स्थानों पर ओलंपिक के लोगो के साथ सेल्फी प्वाइंट बनाये जायेंगे जहां लोग तस्वीरें खींचकर ‘चीयर फोर इंडिया’ हैशटैग के साथ साझा कर सकेंगे। ओलंपिक क्विज और ओलंपिक संवाद का भी आयोजन होगा।” (एजेंसी)