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    -विनय कुमार 

    टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और क्रिकेट की दुनिया के भगवान (God of Cricket) सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) ने ‘1983 विश्व कप’ (ICC World Cup 1983) की जीत को याद करते हुए शुक्रवार, 25 जून को कहा कि उस दिन (World Cup 1983 Final) ने भारतीय क्रिकेट वे इतिहास को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने कहा कि वे सदैव हर विकेट के गिरने और उन ऐतिहासिक पलों को देखने का गौरव याद रखेंगे, जब भारत ने 25 जून 1983 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड (Lord’s Cricket Stadium England 1983 WC Final India vs West Indies) में वेस्ट इंडीज को 43 रनों से हराया था।

    सचिन तेंडुलकर ने कहा, ”एक दिन जिसने भारतीय क्रिकेट के इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया और, 2 और वर्ल्ड कप (2007 T20 World Cup और  ICC ODI World Cup 2011) जीतकर एक सबसे मजबूत बन गया। कपिल देव (Kapil Dev Former Captain Indian Cricket Team) लॉर्ड्स की बालकनी में ‘विश्व कप ट्रॉफी’ उठाने वाले पहले भारतीय कप्तान (First Indian Cricketer Kapil Dev WC Trophy) बन गए, जब उनकी टीम ने ऐतिहासिक फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन वेस्ट इंडीज को हरा दिया। ट्रॉफी की जीत ने 750 मिलियन की आबादी वाले देश को प्रेरित किया और एक साथ सबको जोड़ा। और ये सिलसिला अब भी जारी है।”

    गौरतलब है कि, ‘ICC World Cup 1983’ के फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत 183 रनों पर आउट हो गया था। भारत की तरफ से दिया गया 183 का लक्ष्य गॉर्डन ग्रीनिज (Gordon Greenich), डेसमंड हेन्स (Desmond Hynes), विवियन रिचर्ड्स (Vivian Richards) और कप्तान क्लाइव लॉयड (Clive Lloyd Captain West Indies WC 1983) की बल्लेबाजी लाइन-अप के लिए बेहद आसान नजर आ रहा था। टीम की बेहतरीन बैटिंग लाइन अप और विस्फोटक बल्लेबाजों की सेना के लिए 183 रन बनाना कठिन नहीं था। लेकिन, कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम के गेंदबाजों ने पासा ही पलट दिया। अपनी घातक गेंदबाजी से वेस्ट इंडीज के बल्लेबाजी की दुनिया के सूरमाओं को 140 रनों के स्कोर पर ढेर कर दिया था। और, भारत की झोली में आया था पहला वर्ल्ड कप। 

    उस यादगार मैच में मोहिंदर अमरनाथ (Mohinder Amarnath) और मदन लाल (Madalal) गेंदबाजी के बाज़ीगर बनकर हमेशा के लिए सुपरस्टार बन गए। दोनों गेंदबाजों ने वेस्ट इंडीज़ के 3-3 बल्लेबाजों को चलता किया था और भारत ने 43 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। यकीनन यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास के लिए ऐतिहासिक दिन था, क्योंकि भारत के क्रिकेटरों की आने वाली नई पीढ़ियां इन विभूतियों से प्रेरित होती रहती हैं।