Cricket : IND vs ENG - VVS Laxman reminds Indian captain Virat Kohli and coach Ravi Shastri of the challenge to be faced

भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच ‘बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज’ (Border-Gavaskar Test Series) के 4 मैचों की टेस्ट सीरीज़ (AUS-IND Test Series, 2020-2021) का पहला मैच कल गुरुवार, 17 दिसंबर से शुरू हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड (Adelaide Test) में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच, जो पिंक बॉल (Pink Ball Test Match) से खेला जाएगा, के लिए ‘प्लेइंग इलेवन’ (Playing-XI) की घोषणा कर दी गई है। जैसी अटकलें लगाई जा रही थी, वैसा कुछ हुआ नहीं। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने पहले टेस्ट मैच के शुभमन गिल (Shubman Gill) को और न ही विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को ‘प्लेइंग इलेवन’ (Playing-XI) में लिया। इस बात से सोशल मीडिया पर खेल प्रेमियों ने विराट कोहली की कप्तानी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

इन्हीं आवाज़ों के बीच टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) ने सलाह दी है कि विराट कोहली को अपनी कप्तानी में किस क्षेत्र में सुधार की ज़रुरत है। वीवीएस लक्ष्मण का कहना है कि विराट कोहली (Virat Kohli) टीम इंडिया (Team India) के अन्य खिलाड़ियों के आदर्श हैं। उन्हें इंस्पिरेशन कहना गलत नहीं होगा। लक्ष्मण ने कहा है कि विराट कोहली अपनी फील्डिंग सजाने में डिफेंसिव तो हैं, लेकिन फील्डिंग के अलावा अपनी टीम में भी लगातार कुछ न कुछ बदलाव करते हैं। विराट अपनी ज़िम्मेदारी के प्रति समर्पित रहने वाले कप्तान हैं।

STAR SPORTS के खास प्रोग्राम ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ (Cricket Connected) में वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं कि कोहली जब भी मैदान पर होते हैं, वह खेल में डूब जाते हैं और इसका पता उनकी बल्लेबाजी और फील्डिंग के दौरान चेहरे पर आने वाले हाव-भाव से ही चल जाता है। वह एक मिसाल बनकर टीम की कमान संभालते हैं । खिलाड़ियों पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है।”

यूं तो वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि, इतना होने के बावजूद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) कप्तानी में कुछ सुधार ज़रूर कर सकते हैं, जिसकी जरूरत भी है।

वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, “कोहली ने टीम की कमान संभालने के बाद लगातार प्रयोग किए हैं, जिससे खिलाड़ियों में टीम में अपनी जगह को लेकर असुरक्षा की भावना पैदा होती है। मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं कि खिलाड़ी चाहे नया हो या फिर अनुभवी, उसे टीम में स्थिरता और सुरक्षा की भावना चाहिए होती है। जिसके चलते वह टीम के लिये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान लगा सकता है। उन्हें इस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है। इसके अलावा विराट कोहली को अपनी फील्डिंग ठीक तरह सजाने पर भी काम करना चाहिए। क्योंकि, मुझे लगता है कि वह अक्सर मैदान पर थोड़ा डिफेंसिव हो जाते हैं।”

गौर करने की बात है कि, टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने 2014 में टेस्ट मैचों की कमान संभाली थी। उन्हें कप्तान (Captain) बनाया गया था और ठीक उसके बाद 2017 में सीमित ओवर्स (Limited Overs Cricket) के क्रिकेट मैचों की टीम के भी कप्तान बना दिए गए थे। विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने पिछले दौरे में ऑस्ट्रेलिया को उसकी की ज़मीन पर टेस्ट सीरीज़ (AUS-IND Test Series) में हराया था और क्रिकेट के इतिहास में कीर्तिमान कायम किया था। अबकी बार भी टीम इंडिया से यही उम्मीद है कि ‘बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी’ (Border-Gavaskar Trophy) में भारत ऑस्ट्रेलिया को हराएगी। लेकिन, एक बात ये भी है कि, कप्तान विराट कोहली पहले टेस्ट मैच के बाद भारत लौट जाएंगे, क्योंकि जनवरी 2021 में वो पिता बनने जा रहे हैं और BCCI ने उन्हें पैटर्निटी लीव (Paternity Leave) भी दे दी है। ऐसे में बाकी के 3 मैचों की कप्तानी का ज़िम्मा अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) के कन्धों पर होगा।