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    -विनय कुमार 

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज (India vs New Zealand Test Series, 2021) का पहला मैच बेनतीजा रहा।  इसके बावजूद कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 25 नवंबर से 29 नवंबर तक 5 खेले गये सीरीज के इस पहले मैच ने करोड़ों क्रिक्रेटप्रेमियोंं का दिल जीत लिया। भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमों के लिये यह मुकाबला एक रोलर कोस्टर राइड जैसा रहा, जिसमें कभी भारतीय टीम का पलड़ा भारी नजर आया, तो कभी न्यूज़ीलैंड की टीम बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मैच में अपनी पकड़ बनाती दिखी। कल, यानी बीते सोमवार को मैच के अंतिम दिन भी जब खेल एकतरफा ड्रॉ की बढ़ जा रहा था, तब भारत के अनुभवी स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने 2 विकेट चटकाकर भारत की वापसी कराई और टीम इंडिया को जीत की बेहद करीब लाने में बड़ा रोल अदा किया। हालांकि, अंतिम दिन के खेल के आखिरी 9 ओवर में भारत के गेंदबाज न्यूजीलैंड का आखिरी विकेट निकाल पाने में सफल नहीं हो सके, जिसकी वजह से बीते 4 साल में पहली बार डोमेस्टिक ग्राउंड पर खेले गये किसी मैच में भारतीय क्रिकेट टीम को ड्रॉ का मुंह देखना पड़ा।

    इसमें कोई दो राय नहीं की इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल से खेलप्रेमियों का दिल जीत लिया। इस मैच में कई रिकॉर्ड भी बने। अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर के बेबी मैच में भारत के युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने पहली पारी में सेंचुरी ठोकी और दूसरी पारी में हाफ सेंचुरी। अक्षर पटेल (Axar Pate) और रविचंद्रन अश्विन ) Ravichandran Ashwin) ने भी कीर्तिमान बनाए। इस मैच के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद अक्षर पटेल (Axar Patel) ने 4 टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा 5 विकेट हॉल (Five Wickets Hall) लेने वाले भारतीय गेंदबाज बनने का कीर्तिमान अपने नाम किया। वहीं,  मैच के अंतिम दिन रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने भी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाज की सूची में हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) को पछाड़ दिया और तीसरे नंबर पर आ गए।

    हरभजन सिंह को पछाड़ना बहुत बड़ी बात

    टेस्ट क्रिकेट का इतिहास इस बात की तस्दीक करता है कि कानपुर टेस्ट के बाद रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने 419 विकेट हासिल कर 419 विकेट चलाने वाले दिग्गज ऑफ़ स्पिनर हरभजन सिंह (417 विकेट) को पछाड़कर तीसरे नंबर पर विराजमान हो गए हैं। और, अगर कुछ और मैचों में खेलने का मौका मिला, तो इसमें कोई शक नहीं कि टीम इंडिया के महान कप्तान और पूर्व ऑल राउंडर कपिल देव (Kapil Dev) के  434 विकेट चटकाने का रिकॉर्ड भी वो तोड़ दें। 

    गौरतलब है कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय खिलाड़ियों में अब तक सबसे ज्यादा विकेट चटकाने का रिकॉर्ड अनिल कुंबले (Anil Kumble) के नाम है। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर में 619 विकेट हासिल किए हैं। ध्यान देने वाली बात ये भी है कि रविचंद्रन अश्विन ने हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) को पछाड़ने में सिर्फ 80 मैच लिए और हरभजन सिंह की तुलना में 40 टेस्ट पारियां पहले ही यह रिकॉर्ड कायम किया। कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेले गए इस ताज़ा सीरीज के पहले टेस्ट मैच में रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने टॉम लेथम (Tom Latham) का विकेट लेते ही यह रिकॉर्ड अपने नाम किया।

    अश्विन ने कानपुर टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर कुल 6 विकेट हासिल किए और दोनों ही पारियों में अपनी टीम की मैच में दबंगई लौटाने में अहम भूमिका निभाई। मैच की समाप्ति के बाद भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid Head Coach Team India) ने भी रविचंद्रन अश्विन की इस उपलब्धि पर बयान दिए और अश्विन की जमकर तारीफ की।

    हमेशा से Match Winner मैच रहे हैं रविचंद्रन अश्विन

    टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ ने रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) की तारीफ करते हुए कहा कि वो टेस्ट क्रिकेट में हमेशा ही एक मैच विनर प्लेयर रहे हैं, जो कि क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट (Test Cricket) में हमेशा कुछ नया सीखते हुए आगे बढ़ते हैं और एक एक्सपर्ट ऑफ स्पिनर बन चुके हैं।

    पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ ने कहा, “मेरी नजर में यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। आप सभी जानते हैं हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) देश के लिये कितने बड़े गेंदबाज रहे हैं, जिन्होंने इस दरम्यान बेहतरीन बोलिंग करते हुए भारत के लिये काफी क्रिकेट खेला है। अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने सिर्फ 80 टेस्ट मैच खेलकर इतने बड़े गेंदबाज को पीछे छोड़ दिया है। इससे सप्ष्ट है कि वो खेल को लेकर कितने समर्पित हैं। अश्विन उन खिलाड़ियों में से हैं, जो भारत के लिये हमेशा ही March Winner रहे हैं। यहां तक कि आज भी (मैच के अंतिम दिन) जब बोलिंग करना कठिन हो रहा था, तो उन्होंने अपने 11 ओवर के स्पेल में विकेट चटका कर टीम इंडिया की वापसी कराई और अंतिम ओवर तक मैच को जीवित बनाए रखा। हमेशा विकेट हासिल करने की उनकी भूख उनकी स्किल और काबिलियत का परिणाम है।”

    सबके बस की बात नहीं जो अश्विन ने कर दिखाया 

    कानपुर टेस्ट मैच के चौथे दिन रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने रविवार को विल यंग (Will Young) का विकेट लेकर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी। उसके अगले दिन, यानी मैच के आखिरी दिन सोमवार को उन्होंने टॉम लेथम (Tom Latham) का विकेट झटक कर सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट्स हासिल करने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में तीसरे पायदान पर पहुंच गए। कोच राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया के इस अनुभवी स्पिनर की प्रशंसा  करते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में इस गेंदबाज में काफी चेंजेस हमने देखे हैं।

    उन्होंने कहा, ,”पिछले कुछ सालों में अश्विन (Ravichanran Ashwin) की गेंदबाजी बहुत उन्नत हुई है। वे उन खिलाड़ियों में से एक हैं, जो लगातार अपने प्रदर्शन को लेकर चिंतन करते हैं और वक्त के मुताबिक खामियों में सुधार की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि आज वो इस मुकाम पर हैं। अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने जो हासिल किया है, वो हर कोई हासिल नहीं कर सकता। ड्रेसिंग रूम (Dressing Room) में ऐसे किसी खिलाड़ी का साथ होना और उसके साथ टीम के लिए  काम करना सौभाग्य की बात है। मैं उनके प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।”