On Team India's lowest score, Kohli said - difficult to express emotions in words

    नयी दिल्ली: भारतीय कप्तान विराट कोहली के करियर में एक ऐसा भी दौर आया था जबकि वह पीठ दर्द से बेहद परेशान थे लेकिन भारत के पूर्व फिटनेस कोच बासु शंकर के मार्गनिर्देशन में वह इससे छुटकारा पाने में सफल रहे। कोहली ने शंकर की पुस्तक ‘‘100, 200 प्रैक्टिकल एप्लीकेशन इन स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग” की प्रस्तावना में लिखा है कि किस तरह से फिटनेस कोच ने उन्हें वजन उठाने के लिये प्रेरित किया जिससे उन्हें दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटरों की सूची में शामिल होने में मदद मिली।

    कोहली ने लिखा है, ‘‘वर्ष 2014 के आखिरी महीनों में मैं पीठ दर्द से काफी परेशान रहा जो जाने का नाम नहीं ले रहा था। प्रत्येक सुबह मुझे अपनी पीठ को ढीला करने के लिये 45 मिनट तक कसरत करनी पड़ती थी लेकिन दिन में किसी भी समय वह फिर से जकड़ जाती।”उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद बासु सर और मेरी वजन उठाने और मेरे शरीर की पूरी ताकत वापस लाने के बारे में बात हुई।”

    राष्ट्रीय टीम के साथ 2015 से 2019 तक काम करने वाले शंकर ने कोहली और भारतीय टीम की फिटनेस में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभायी थी। कोहली ने कहा, ‘‘पहले मैं इसको (वजन उठाने) लेकर आश्वस्त नहीं था लेकिन बासु सर ने मुझसे केवल एक बात कही थी कि भरोसा रखो। मुझे उनके ज्ञान और अनुभव पर पूरा भरोसा था।”

    उन्होंने कहा, ‘‘मुझे श्रीलंका के खिलाफ 2015 में हमारी श्रृंखला की याद है। मैंने बासु सर से वजन उठाना सीखना शुरू कर दिया था। मैंने इसको लेकर किये गये अध्ययन को समझा और महसूस किया कि मैं कुछ अद्भुत करने की दिशा में काम कर रहा हूं।”कोहली ने कहा, ‘‘इसके परिणाम बेजोड़ थे जिससे शरीर की ताकत को लेकर मेरी धारणा ही बदल गयी।” (एजेंसी)