’39’ और विराट कोहली की कप्तानी का अजीब संजोग जानिए

    -विनय कुमार

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (Royal Challengers Bengaluru RCB) के कप्तान विराट कोहली ने IPL 2021 के ताज़ा सीजन के अपने आखिरी मुकाबले के बाद RCB की कप्तानी छोड़ दी है। लेकिन, IPL में RCB की टीम की तरफ से वो खेलना जारी रखेंगे। अब विराट कोहली (Virat Kohli) RCB के कप्तान नहीं बल्कि, एक जानदार और बेखौफ बल्लेबाज के तौर पर मैदानों में उतरेंगे।

    बीते सोमवार शारजाह के मैदान में ,’कोलकाता नाइट राइडर्स’ (KKR vs RCB IPL 2021 Sharjah) के खिलाफ खेले गए क्वालिफायर-2 मुकाबले में ‘विराट’सेना हार गई और एक बार फिर प्लेऑफ में बाहर हो गई। लेकिन, हार के बावजूद विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में खेले मैचों को लेकर ताज़ा सीजन को अलविदा कहते अपनी टीम के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व जताया है।

    लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि विराट कोहली की सेना के लिए इस सीजन में पहला खिताब जीतने का सुनहरा मौका था। गौरतलब है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने लीग स्टेज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। लेकिन, RCB की टीम नॉकआउट मैच में धार नहीं और फाइनल तक पहुंचने के करीबी पड़ाव पर हार गई।

    कप्तानी में बल्लेबाजी से जुड़ा अजीब संयोग

    इस हार के साथ विराट कोहली की कप्तानी के कार्यकाल की निराशाजनक समाप्ति हुई। आईपीएल के इतिहास में उनकी कप्तानी में RCB ने 8 सीजन खेले, लेकिन इस दरम्यान उनकी झोली में एक बार भी ट्रॉफ़ी नहीं आई।  

    बीते सोमवार KKR के खिलाफ शारजाह के मैदान में खेले गए क्वालिफायर मैच में विराट कोहली बतौर कप्तान अपने अंतिम मुकाबले में 39 रन बनाए। ये वही आंकड़ा है, जो उन्होंने IPL 2011 में RCB की कप्तानी संभालते ही पहले मैच में बनाए थे। और, दो साल बाद कोहली ने न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज डेनियल विटोरी (Daniel Vittori) से कप्तानी ली और 2013 के सीज़न से ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू’ के नियमित कप्तान बन गए।

    लेकिन, एक उपलब्धि ये भी रही कि विराट कोहली ने IPL T20 TOURNAMENT में बतौर किसी आईपीएल टीम के एक कप्तान सर्वाधिक रन और सबसे ज्यादा सेंचुरी साथ कप्तानी का कार्यकाल समाप्त किया। 32 साल के धुरंधर बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) ने RCB के कप्तान के तौर पर 41.99 की औसत से 5 शानदार सेंचुरी और 35 हाफ सेंचुरी के साथ 4871 रन बनाए हैं।

    कोहली का ‘विराट’ योगदान

    ‘रनमशीन’ विराट कोहली ने IPL 2016 के सीज़न में 4 सेंचुरी के साथ रिकॉर्ड 973 रन बनाए थे। लेकिन उस सीजन में भी उनकी टीम RCB की टीम ट्रॉफी नहीं जीत सकी थी। क्रिकेट की दुनिया के ‘भीष्म पितामह’ सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने भी विराट कोहली के योगदान की खूब तारीफ की और कहा कि हर किसी की किस्मत में शानदार विदाई (farewell) नहीं होती।

    गौर किया जाए तो हम पाएंगे कि किस्मत के मामले में विराट कोहली, CSK के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) से बुरी तरह मात खाते नजर आए। धोनी की येलो आर्मी ‘चेन्नई सुपर किंग्स’ इस ताज़ा सीजन IPL 2021 के अंतिम 3 मैचों में पटरी से उतर चुकी थी, लेकिन किसी तरह प्वाइंट्स टेबल पर टॉप-2 में अपनी जगह बचाने में कामयाब रही। गौरतलब है कि CSK ने PLAY-OFF के पहले मैच में ‘दिल्ली कैपिटल्स’ के खिलाफ (DC vs CSK IPL 2021) अपनी हार को काफी करीब से बचाया और DC के बंद जबड़े से जीत छीनकर अपनी झोली में डाला।

    उस मैच में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने पुराने घातक अंदाज में नजर आए और संकटमोचक बनकर  अपनी टीम को फिर से आईपीएल के फाइनल में पहुंचा दिया। हालांकि, IPL 2021 के फाइनल में पहुंचने की राह में CSK सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं थी, दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने भी बेहतरीन खेल दिखाया है। लेकिन, किस्मत ने कोहली को इस बार फिर ठोकर मार दी।   

    कप्तानी मीडिया अपना बेस्ट

    विराट कोहली (Virat Kohli) ने बीती रात शारजाह का मैदान हारने के बाद कहा कि उन्होंने ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू’ (RCB) की कप्तानी में अपना सब कुछ झोंक दिया। विराट ने कहा, “मैंने यहां एक ऐसा कल्चर बनाने की पूरी कोशिश की है, जहां युवा खिलाड़ी आ सकें, आजादी और विश्वास के साथ खेल पाएं। ठीक वैसे ही जैसा कि मैंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए किया। बतौर कप्तान मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। मुझे नहीं मालूम कि प्रतिक्रिया कैसी रही है , लेकिन मैंने हर बार इस फ्रेंचाइजी (Royal Challengers Bengaluru RCB) को 120 प्रतिशत दिया है। और वही अब मैं एक खिलाड़ी के तौर परभी करूंगा।” 

    गौरगलब है कि, विराट कोहली ने एक बार फिर कहा कि IPL T20 TOURNAMENT से संन्यास लेने तक बतौर एक खिलाड़ी वे RCB के साथ ही रहना चाहेंगे।