सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को सात विकेट से हराकर दर्ज की दूसरी जीत

    दुबई. सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय और कप्तान केन विलियमसन की अर्धशतकीय पारियों के दम पर सनराइजर्स हैदराबाद ने इंडियन प्रीमियर लीग मुकाबले में सोमवार को यहां राजस्थान रॉयल्स को सात विकेट से शिकस्त दी। पूर्व कप्तान डेविड वार्नर की जगह टीम में शामिल हुए रॉय ने 42 गेंद की पारी में एक छक्का और आठ चौके जड़े। उन्होंने पहले विकेट के लिए ऋद्धिमान साहा (18)  और दूसरे विकेट के लिए कप्तान विलियमसन के साथ 57-57 रन की साझेदारी कर टीम को शानदार शुरुआत दिलायी। विलियमसन  से 41 गेंद में नाबाद 51 रन की पारी के दौरान पांच चौके और एक छक्का जड़ा।

    उन्होंने अभिषेक शर्मा (नाबाद 21) के साथ चौथे विकेट के लिए 48 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को 10 मैचों में दूसरी सफलता दिलवायी। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान संजू सैमसन की 82 रन की शानदार पारी से पांच विकेट पर 164 रन बनाये थे। हैदराबाद ने हालांकि 18.3 ओवर में तीन विकेट गवां कर 167 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार से प्लेऑफ में पहुंचने की राजस्थान की उम्मीदों को झटका लगा है। सैमसन ने इस दौरान शिखर धवन को पछाड़कर ऑरेंज कप अपने नाम किया। मौजूदा सत्र में उनके नाम 10 मैचों में 433 रन है जबकि धवन ने इतने ही मैच में 430 रन के साथ दूसरे स्थान पर है।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए साहा और रॉय ने शुरुआती पांच ओवरों में 57 रन जोड़कर सनराइजर्स को शानदार शुरुआत दिलायी। हैदराबाद के लिए अपने पहले मैच में रॉय शुरुआती तीन ओवरों में संघर्ष कर रहे थे लेकिन इस दौरान साहा ने पारी के पहले और तीसरे ओवर में जयदेव उनादकट के खिलाफ दो चौका और एक छक्का लगाया। रॉय ने इसके बाद चौथे ओवर में मुस्ताफिजुर रहमान के खिलाफ दो और पांचवें ओवर में क्रिस मौरिस के खिलाफ तीन चौके जड़ टीम के अर्धशतक को पूरा किया। महिपाल लोमरोर ने हालांकि छठे ओवर की पहली गेंद पर साहा को सैमसन के हाथों स्टंप करवा दिया।

    राजस्थान के गेंदबाज हालांकि इसके बाद रनों पर अंकुश लगाने में कुछ हद तक सफल रहे लेकिन विलियमसन ने 10वें ओवर में लोमरोर की गेंद को दर्शकों के पास भेज कर हाथ खोला। इसके अगले ओवर में गेंदबाजी के लिए राहुल तेवतिया के खिलाफ रॉय ने छक्का और फिर तीन चौके जड़े। इस ओवर से 21 रन आये और मैच का रुख हैदराबाद की ओर मुड़ गया। सैमसन ने खतरनाक होती इस साझेदारी को तोड़ने के लिए चेतन सकारिया को गेंद थमाई और उन्होंने रॉय को आउट कर इस फैसले को सही साबित किया। अगले ओवर में मुस्ताफिजुर रहमान ने प्रियम गर्ग को खाता खोले बगैर अपनी गेंद खुद कैच पकड़ कर पवेलियन भेजा।

    विलियमसन और अभिषेक शर्मा ने हालांकि इसके बाद संभल कर बल्लेबाजी करते हुए टीम को लक्ष्य के करीब ले गये। विलियमसन ने 19वें ओवर की दूसरी और तीसरी गेंद पर मुस्ताफिजुर के खिलाफ लगातार दो चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा करने के साथ टीम को जीत दिला दी।   इससे पहले सैमसन ने 57 गेंद की अपनी पारी में सात चौके और तीन छक्के की मदद से 82 रन बनाये। उन्हें युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (23 गेंद में 36 रन) और महिपाल लोमरोर (28 गेंद में नाबाद 29 रन) का अच्छा साथ मिला। सैमसन और लोमरोर ने चौथे विकेट के लिए 84 रन जोड़े।

    टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान के लिए इविन लुईस (छह) और यशस्वी जायसवाल ने संदीप शर्मा (30 रन पर एक विकेट) के पहले ओवर में एक-एक चौका जड़ा लेकिन अनुभवी भुवनेश्वर कुमार (28 रन पर एक विकेट) ने दूसरे ओवर की पहली गेंद पर लुईस को पवेलियन भेज दिया। उनका यह ओवर मेडन रहा। जायसवाल पर हालांकि इसका कोई खास असर नहीं पड़ा और उन्होंने संदीप और फिर भुवनेश्वर की गेंदों को बाउंड्री के पार भेजा।

    दूसरे छोर पर सैमसन ने पिछले मैच की लय को जारी रखा। उन्होंने सिद्धार्थ कौल (36 रन पर दो विकेट) के छठे ओवर में दो चौके जड़े। इससे पावर प्ले में टीम का स्कोर एक विकेट पर 49 रन हो गया।   नौवें ओवर में गेंदबाजी के लिए आये संदीप शर्मा पर जायसवाल ने छक्का जड़ा लेकिन अगली ही गेंद पर बोल्ड हो गये। उन्होंने 23 गेंद की पारी में एक छक्का और पांच चौके लगाये और सैमसन के साथ दूसरे विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की।

    लियाम लिविंगस्टोन (चार रन) की खराब लय इस मैच में भी जारी रही जो राशिद खान (31 रन पर एक विकेट) की गेंद पर समद को कैच थमा बैठे। पारी के 14वें ओवर में महिपाल लोमरोर ने जेसन होल्डर (बिना सफलता के 27 रन) के खिलाफ छक्का जड़कर टीम के स्कोर को 100 रन पर पहुंचाया। वह इसके बाद हालांकि बड़ा शॉट लगाने में जूझते दिखे। सैमसन ने इसके बाद 15वें ओवर में राशिद का स्वागत छक्के से किया।

    उन्होंने अगले ओवर की पहली गेंद पर सिद्धार्थ कौल के खिलाफ मिड ऑफ के ऊपर चौका जड़कर 42 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद इसी ओवर में दो छक्के जड़े। इस बीच 18वें ओवर में होल्डर की गेंद पर संदीप ने लोमरोर का आसान कैच टपका दिया। भुवनेश्वर ने इसके बाद 19वें ओवर में सिर्फ सात रन खर्च किये। सिद्धार्थ ने आखिरी ओवर में सैमसन को आउट करने के बाद रियान पराग को खाता खोले बगैर पवेलियन भेजा। इस ओवर से सिर्फ चार रन आये। हैदराबाद के गेंदबाजों ने आखिरी दो ओवर में सिर्फ 11 रन दिये जिससे राजस्थान और बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहा। (एजेंसी)