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    -विनय कुमार

    भारतीय टेस्ट टीम के रेगुलर कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और तूफानी सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के साथ कुछ और धुरंधर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया कल, यानी गुरुवार, 25 नवंबर से 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच कानपुर के मैदान में न्यूजीलैंड के खिलाफ बड़े बदले का इरादा लेकर मुकाबला करने यहां शुरू होने वाले पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में दमदार न्यूजीलैंड के खिलाफ उतरेगी।

    इस टेस्ट में भारतीय टीम की कप्तानी अंजिक्य रहाणे (Ajinkya Rahane Captain Indian Cricket Team)  करेंगे। गौरतलब है किट, अभी अभी इंजरी की वजह से भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज़ केएल राहुल (KL Rahul) को आराम दे दिया गया है। घातक तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) भी नहीं खेल रहे हैं। लेकिन, गौर करने वाली बात ये भी है कि ठीक ऐसी ही परिस्थितियों में भारतीय टीम की कप्तानी अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने आस्ट्रेलिया के पिछले दौरे में की थी, और भारत ने आस्ट्रेलिया में जीत का इतिहास रच दिया था। इसमेंं कोई दो राय नहीं कि उस दौरे से प्रेरणा लेकर अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में भारत कानपुर के पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड को धूल चटाने की कोशिश करेगा। ज़ाहिर है, न्यूज़ीलैडभा ने भारत की टीम 145 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के पहले ICC World Test Championship, 2021 में अपनी ‘वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन’ बनने की उम्मीदों पर पानी फेरा था।

    मुंबई टीम के दो धाकड़ बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) और श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) में से किसी एक को इस मैच से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिलने की बात कही जा रही थी, जिसमें से श्रेयस अय्यर अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने जा रहे हैं। टेस्ट टीम इंडिया की सलामी जोड़ी रोहित शर्मा और केएल राहुल और मैच विनर विकेटकीपर- बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) के बिना टीम इंडिया कानपुर के मैदान में ताल ठोकेगी। हां, इस सीरीज के जरिए टीम इंडिया के नए कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को साउथ अफ्रीका (South Africa) के दौरे से पहले अपने अन्य खिलाड़ियों को आजमाने का मौका भी मिल जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम में बल्लेबाजों में सिर्फ अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane), चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) और मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) ने ही 10 से ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं। अगर, इस मैच में मयंक अग्रवाल बढ़िया प्रदर्शन करते हैं, तो केएल राहुल के लिए अगले दौरे के लिए टीम में वापसी करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं। शुभमन गिल (Shubman Gill) भी शानदार बल्लेबाजी करते हैं। ऐसे में दोनों रेगुलर ओपनर बल्लेबाजों की टीम में  वापसी होने पर टीम मैनेजमेंट उन्हें मिडल ऑर्डर में उतार सकता है।

    कानपुर में खेले जाने वाले इस पहले मैच में कप्तान अजिंक्य रहाणे पर सभी की नजरें होंगी, क्योंकि रिकॉर्ड्स बताते हैं कि उन्होंने पिछले 11 टेस्ट मैचों में निराशाजनक 19 की औसत से स्कोर किए हैं। डोमेस्टिक मैदानों में अगर वो नाकामयाब रहे, तो अगले महीने साउथ अफ्रीका के दौरे पर जाने वाली भारतीय  टीम में उनको अपनी जगह बनाना कठिन  हो जाएगा। प्रैक्टिस के दौरान भी अजिंक्य रहाणे में वो आत्मविश्वास नजर नहीं आया, जो होना चाहिए। और ऐसी स्थिति में अब कानपुर के मैदान में उन्हें उस टीम का नेतृत्व करना है, जिसमें कई धुरंधर खिलाड़ी मौजूद नहीं हैं।

    ऐसे में एक कप्तान और एक बल्लेबाज की की भूमिका में अजिंक्य रहाणे कैसे बैलेंस बनाते हैं, ये देखने वाली बात होगी। और, इसी से उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का रास्ता तय होगा। ठीक इसी प्रकार भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा (Ishant Sharma) के लिए भी स्थिति अनुकूल नजर नहीं आ रही है। नेट प्रैक्टिस के दौरान वे फॉर्म में नजर नहीं आए। अगर मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj)  को प्लेइंग इलेवन से हटाकर इशांत शर्मा को लिया जाता है, तो उन पर टीम मैनेजमेंट का फैसला सही साबित करने का प्रेशर भी होगा। उमेश यादव (Umesh Yadav) का प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाना तय है।

    सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) और श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) दोनों को इस सीरीज में अपना जौहर दिखाने का मौका मिल सकता है, जिस पीछे मकसद है चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं। आई में अपने डेब्यू सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन से वे टीम के मिडल ऑर्डर में अपनी जगह पक्की कर सकते हैं। अगर नेट प्रैक्टिस को देखा जाए तो शुबमन गिल और मयंक अग्रवाल सलामी बल्लेबाज होंगे और उनके बाद पुजारा और कप्तान अजिंक्य रहाणे ताल ठोकने उतरेंगे। उनके बाद श्रेयस अय्यर प्रैक्टिस सेशन में उतरे थे, जिन्होंने बायें हाथ के थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट नुवान के सामने वैसी बोलिंग का सामना किया जैसी कि नील वैगनर (Neil Wagner) करते हैं। जयंत यादव (Jayant Yadav) ने भी नेट पर प्रैक्टिस की।

    इस सीरीज में एक बार फिर टीम इंडिया के सबसे अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) फिर से खुद को दुनिया का नंबर वन स्पिनर साबित करने का प्रयास करेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया के रेगुलर कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने उन्हें एक बार भी खेलने का मौका नहीं दिया था। इस सीरीज में उनका सामना न्यूजीलैंड के धुरंधर बल्लेबाज केन विलियमसन (Kane Williamson) जैसे धुआंधार बल्लेबाज से होगा। रोस टेलर (Ross Taylor), टॉम लैथम (Tom Latham) और हेनरी निकोल्स (Henry Nichols) भी अश्विन और रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) की स्पिन गेंदबाजों की जोड़ी का सामना करने की पूरी तैयारी के साथ भारत के दौरे पर आए हैं। हां, अक्षर पटेल (Axar Patel) is सीरीज में भारतके तीसरे स्पिन बोलर हो सकते हैं, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ खेले अपने सीरीज में 27 विकेट लिए थे। न्यूजीलैंड की तरफ से टिम साउदी (Tim Southee) और नील वैगनर (Neil Wagner) नई गेंद लेकर भारत पर आक्रमण करेंगे। 

    टीम इंडिया

    अजिंक्य रहाणे (Captain Ajinkya Rahane), मयंक अग्रवाल, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, ऋद्धिमान साहा (Vriddhiman Saha Wicketkeeper-Batsman), रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, उमेश यादव, इशांत शर्मा, मोहम्मद सिराज, जयंत यादव, श्रीकर भरत (Wicket-keeper) और प्रसिद्ध कृष्णा।