Muralitharan said on his biopic, "I believe Sethupathi will do justice to my character"
File Photo

    -विनय कुमार

    ‘IPL 2021’ का दूसरा चरण 19 सितंबर से UAE में शुरू होने जा रहा है। गौरतलब है कि दुनिया की सबसे लोकप्रिय यह लीग क्रिकेट का यह महाकुंभ (IPL T20 TOURNAMENT) बीते दो सीजन से कोराेना महामारी की वजह से प्रभावित रही है। और लगातार यह दूसरा सीजन सुरक्षा के मद्देनजर UAE में आयोजित कराई जा रही है। हालांकि, ‘IPL 2021’ का सीज़न भारत में ही शुरू किया गया था, लेकिन कोविड की दूसरी संक्रामक लहर में बायो बबल में मौजूद कुछ खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के संक्रमित होने की रिपोर्ट आने के बाद 29 मैच खेले जाने के बाद टूर्नामेंट बीच में ही रोक दिया गया था। ज़ाहिर है, इस फॉर्मेट और इस लीग में हिस्सा लेने वाली सभी टीम एक बार फिर अपनी लय बनानी होगी। श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ी मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) ने भी ‘IPL T20 TOURNAMENT’ को लेकर बताया कि आखिर आईपीएल में क्या है खास।

    गौरतलब है कि श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व महान ऑफ स्पिनर IPL के शुरुआती कुछ सालों तक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) जैसी टीमों के लिए खेल चुके हैं। जिसके बाद वे ‘सनराइजर्स हैदराबाद’ (Sunrisers Hyderabad SRH) के कोच भी बने और बीते कुछ सालों से कोच हैं। 

    मुरलीधरन का IPL में रोमांचक अनुभव

    अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले मुरलीधरन ने ‘ESPNCRICINFO’ से अपनी खास बातचीत में बताया कि आखिर वे कैसे 2008 में आईपीएल की नीलामी (IPL T20 TOURNAMENT AUCTION 2008) में आए और कैसे IPL युवा खिलाड़ियों को बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देता है।

    लेकिन देखा ये भी गया है कि कई बार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद भी कुछ खिलाड़ी टीम में और टीम प्लेइंग कंडिशन की वजह से प्लेइंग इलेवन (Playing-XI) में जगह नहीं बना पाए।

    मुरलीधरन ने इस मामले पर भी बात की कि कैसे उन्होंने T20 फॉर्मेट के नयापन को लेकर खिलाड़ियों को सलाह देने की जिम्मेदारी निभाई थी। 

    IPL में ‘प्लेइंग इलेवन’ में होने की गारंटी नहीं

    मुरलीधरन ने कहा, “अतिरिक्त जिम्मेदारी थी। मैं उस वक्त वनडे (ODI) और टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में नंबर एक बोलर था। लेकिन, टी फॉर्मेट अचानक आरंभ हो गया। मैं इससे पहले (IPL T20 TOURNAMENT) लंकाशायर (Lancashire) में खेल चुका हूं। मैंने 2005 में वहां यकीनन बढ़िया प्रदर्शन किया था। लेकिन, अपने-आपको साबित करने के लिए प्रेशर ज़रूर था। और, मुझे लगता है कि मेरा नाम क्रिकेट के अन्य फॉर्मेट्स में गेंदबाजी के लिहाज से बड़ा था। क्या मैं इस फॉर्मेट में भी वैसा प्रदर्शन कर पाऊंगा, यह भी एक सवाल उस वक्त मेरे साथ था। इसलिए इस फॉर्मेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने और टीम में जगह बनाए रखने के लिए एक अतिरिक्त दबाव भी था।”

    श्रीलंका के महान गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) ने यह भी कहा कि एक वक्त केवल 4 विदेशी खिलाड़ियों के खेलने की वजह से हमेशा टीम में बने रहना बड़ा चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा, ,”मेरे लिए यह एक चुनौती थी, क्योंकि सिर्फ 4 विदेशी खिलाड़ी ही IPL की टीम में आ सकते थे। इसलिए मेरे दिमाग में ये बात जरूर थी। लेकिन, मैंने उस प्रेशर को बहुत सलीके से लिया और चुनौती स्वीकार करते हुए यकीनन बढ़िया प्रदर्शन किया। इसलिए मुझे पहले की तरह मैचों से ड्रॉप नहीं किया जाता था। हां, मैं एक बार टीम से इसलिए निकला, क्योंकि टीम एक ऑल-राउंडर (all-rounder) को शामिल करना चाहती थी। मैं इस सब से नाखुश नहीं था, क्योंकि वे टीम की बेहतरी के लिए ऐसा करवरहे थे।”

    आईपीएल की खूबसूरती क्या है

    मुथैया मुरलीधरन ने कहा कि ऐसे अवसर भी आए जब वे टीम से अंदर-बाहर होते रहे। लेकिन, उनको इस बात का कभी भी उनको बुरा नहीं लगा और यह सिर्फ टीम के लिए था।

    मुरलीधरन ने कहा, “मुझे इसकी उम्मीद थी और यही ‘IPL TOURNAMENT’ की खूबसूरती है। अपने देश की टीम की बात की जाए तो ये तो यकीन होता ही है कि आप निश्चित रूप से टीम में हैं और खेलेंगे। लेकिन, IPL में आप चाहे कितने भी बढ़िया खिलाड़ी क्यों न हों, आपको बेंच पर बैठना भी पड़ता है।”

    गौरतलब है कि, ‘IPL T20 TOURNAMENT’ में ऐसा डेल स्टेन (Dell Steyn) के साथ भी हो चुका है, जिनको IPL की शुरुआत में काफी मौके मिले, लेकिन उसके बाद में बेंच पर बैठना पड़ा। स्टेन इससे बहुत परेशान हो गए थे और उन्होंने कहा भी था कि वे IPL में मैच खेलना चाहते हैं, बेंच पर बैठने के लिए उन्होंने इसमें हिस्सा नहीं लिया है।