कराह उठा अदालत से बाइज़्ज़त बरी हुआ टीम इंडिया का यह गेंदबाज, बोले-’10 लाख के लिए क्यों करता ऐसा’

    – विनय कुमार

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत (S. Sreesanth) ने IPL SPOT FIXING को लेकर बड़ा खुलासा किया। यह वो गंभीर आरोप था जिसके लिए उन्हें जेल की हवा तक खानी पड़ी और उस आरोप ने उनके क्रिकेट करियर को खत्म कर दिया। गौरतलब है कि जब भी श्रीसंत का नाम सामने आता है, मैच में स्पॉट फिक्सिंग कांड और उनका विवादित।

    हेहरा याद आ जाता है। हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ भी जाड़ा था, वो तस्वीर भी याद आ जाती है। अगर इन सब आरोपों से जरा हटकर देखें तो श्रीसंत एक आक्रामक घातक फास्ट बोलर थे। बड़े टैलेंटेड थे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके लिए बेहतरीन संभावनाएं थीं। 

    लेकिन, अब श्रीसंत जीवन के ऐसे मोड़ पर हैं,  जहां सबकुछ भूल कर उन्हें आगे बढ़ना होगा। गौरतलब है कि IPL 2013 के सीज़न में श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के दो अन्य खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग कांड में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अब श्रीसंत ने कहा है कि वो सिर्फ 10 लाख रुपए के लिए ऐसा काम क्यों करेंगे। 

    श्रीसंत (Sreesanth) ने एक स्पोर्ट्स न्यूज एजेंसी से कहा, “मैंने Irani Trophy खेली थी और साउथ अफ्रीका (IND vs SA 2013) के खिलाफ सीरीज खेलने पर नजर थी, ताकि हम सितंबर 2013 में हम जीत हासिल कर सकें।हम कुछ जल्दी जा रहे थे। मेरा लक्ष्य उस सीरीज में खेलना था। ऐसी स्थिति सामने होते हुए मैं ऐसा क्यों करूंगा, वो भी सिर्फ 10 लाख रुपए के लिए ? मैं शेखी नहीं बघार रहा, लेकिन उस समय 2 लाख रुपए तो मेरी पार्टी का बिल  ही हुआ करता था।”

    श्रीसंत (Sreesanth) ने अपने परिवार और फैंस को अपने बुरे वक्त में साथ देने लाई शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी में अब तक मैंने केवल मदद की है और विश्वास जीता है। मैंने कई लोगों की मदद की है, और उन्हीं की दुआओं का फल कि मुझे इससे बाहर निकलने में मदद मिली है।”

    श्रीसंत (Sreesanth) ने दावा किया कि वे अपने पैर की अंगुलियों में 12 इंजरी के बाद भी 130 प्लस की स्पीड में बोलिंग कर रहे थे। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें उस ओवर में 14 रन पड़ने वाले थे, लेकिन उन्होंने कसी हुई बोलिंग की जिसमें 4 गेंदों में सिर्फ 5 रन ही दिए थे।

    उन्होंने कहा, “उस 1 ओवर में 14 से ज्यादा रन पीटे जाने थे। मैने 4 गेंदों में 5 ही रन दिए। IPL में नो-बॉल, नो वाइड और एक भी धीमी गेंद नहीं की थी मैंने। मेरे पैर की उंगली की 12 सर्जरी होने के बावजूद मैं 130 (130 km/hour) से ज्यादा की स्पीड से गेंदबाजी कर रहा था।”

    गौरतलब है कि, अदालत से बाइज़्जत बरी होने के बाद बीसीसीआई ने हाल ही में श्रीसंत पर लगा बैन हटा लिया। जिसके बाद श्रीसंत ने ‘सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी’ (Syed Mushtaq Ali Trophy) में वापसी की।