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    नई दिल्ली: भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी सीमित ओवरों के क्रिकेट में हमेशा गेंदबाजों के लिए बेहतर कप्तान साबित हुए हैं और टी20 विश्व कप के लिए टीम मेंटर (मार्गदर्शक) के रूप में उनकी उपस्थिति से जसप्रीत बुमराह की अगुवाई वाली गेंदबाजी इकाई को काफी फायदा होगा।

    धोनी को हाल ही में बीसीसीआई ने इस बड़े आयोजन के लिए टीम का मेंटर नियुक्त किया है। सहवाग ने पीटीआई-भाषा को दिये विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि एमएस (धोनी) ने टी20 विश्व कप के लिए टीम मेंटर बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। मुझे पता है कि बहुत से लोग चाहते हैं कि एमएस फिर से भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में वापसी करें और मेंटर के रूप में टीम में शामिल होना सबसे अच्छी बात है।”

    एक दशक तक धोनी के साथ खेलने वाले सहवाग को पता है कि एक कप्तान के रूप में धोनी की मुख्य ताकत सीमित ओवरों के प्रारूप में अपने गेंदबाजों की मानसिकता को समझना है। इस पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘एक विकेटकीपर के रूप में एमएस क्षेत्ररक्षण सजाने के मामले में असाधारण थे और यह कुछ ऐसा है जो इस विश्व कप में गेंदबाजी इकाई की मदद करेगा। गेंदबाज अपना दिमाग लगा सकते हैं और बल्लेबाज के खिलाफ योजना बनाने के लिए उपयोगी सुझाव प्राप्त कर सकते हैं।”

    सहवाग ने कहा कि जो युवा खिलाड़ी थोड़े अंतर्मुखी या शर्मीले है उनके लिए भारतीय टीम में धोनी से बेहतर ‘मेंटर’ नहीं हो सकता है, खासकर तब जब उन्हें मार्गदर्शन करने के लिए किसी की जरूरत होती है क्योंकि वे मैदान पर खुद को अभिव्यक्त करने की कोशिश करते हैं। सहवाग ने कहा, ‘‘किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम में हमेशा ऐसे खिलाड़ी होते हैं, जो शर्मीले होते हैं और अपने कप्तान से बातचीत करने में संकोच करते है। एमएस हमेशा उस तरह का व्यक्ति जिससे खिलाड़ी आसानी से बातचीत कर सकते हैं। वह युवाओं के लिए एक आदर्श संकटमोचक भी है।”  

    बीसीसीआई ने टी20 विश्व कप के लिए तीन रिजर्व के साथ 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, वहीं सहवाग का मानना है कि आईसीसी ने 10 अक्टूबर तक सभी टीम के लिए खिलाड़ियों को बदलने का समय दिया है, ऐसे में इंडियन प्रीमियर लीग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के पास टीम में जगह बनाने का मौका होगा। 

    उन्होंने कहा, ‘‘ उनके पास टीम में जगह बनाने का 100 प्रतिशत मौका होगा। हमारे पास टीमों के लिए कम से कम सात मैच बचे हैं। इसका मतलब है कि आपके पास अभी भी प्रदर्शन करने के लिए एक मंच है और जो लोग मैदान में होंगे उनके पास अब भी भारतीय चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का मौका होगा। चयनकर्ता भी टूर्नामेंट के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे।” ‘नजफगढ़ के इस नवाब’ ने कहा, ‘‘आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने टीमों को बदलने के लिए एक मौका दिया है। ऐसे में अगर भारतीय टीम में कोई बदलाव होता है तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।” (एजेंसी)