प्रतीकात्मक तस्वीर
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    बर्मिंघम: इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) और वारविकशर काउंटी क्रिकेट क्लब ने कहा है कि भारत और इंग्लैंड के बीच एजबस्टन में पांचवें टेस्ट के चौथे दिन के खेल के दौरान भारतीय प्रशंसकों से नस्ली दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच शुरू की गई है। कई भारतीय प्रशंसकों ने चौथे दिन के खेल के दौरान अन्य प्रशंसकों के नस्ली बर्ताव की जानकारी सोमवार रात ट्विटर पर साझा की। उन्होंने दावा किया कि ब्रिटेन के कुछ प्रशंसकों ने उनके प्रति नस्ली टिप्पणी की।

    यॉर्कशर के पूर्व क्रिकेटर अजीम रफीक ने नस्ली बर्ताव की जानकारी देने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को रीट्वीट किया। ब्रिटेन की संसदीय समिति के समक्ष पिछले साल रफीक की गवाही के बाद यॉर्कशर में संस्थागत नस्लवाद के दावों की जांच हुई थी और बड़े सुधारवादी कदम उठाए गए थे। रफीक ने कहा, ‘‘यह पढ़कर निराश हूं।”

    एजबस्टन के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने रफीक के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, ‘‘यह पढ़कर हमें बेहद खेद है और हम इस तरह के बर्ताव को माफ नहीं करेंगे। हम जल्द से जल्द इसकी जांच करेंगे।” वारविकशर ने बाद में बयान जारी करके कहा कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं। एजबस्टन के मुख्य कार्यकारी स्टुअर्ट केन ने कहा, ‘‘इस तरह की खबरों से मैं निराश हूं क्योंकि हम एजबस्टन को सभी के लिए सुरक्षित और स्वागत योग्य माहौल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।”

    बयान के अनुसार, ‘‘शुरुआती ट्वीट देखने के बाद मैंने यह मामले उठाने वाले व्यक्तियों से निजी तौर पर बात की और अब हम उस क्षेत्र में मौजूद कर्मचारियों से बात कर रहे हैं जिससे कि पता चल सके कि क्या हुआ।” इसमें कहा गया, ‘‘एजबस्टन में किसी को भी किसी भी तरह के दुर्व्यवहार का सामना नहीं करना चाहिए। इसलिए एक बार सभी तरह के तथ्य देखने के बाद हम सुनिश्चित करेंगे कि इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई हो।”

    होलीस स्टैंड में मौजूद एक दर्शक ने आरोप लगाया कि कई शिकायत करने के बावजूद वहां मौजूद कर्मचारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।एक दर्शक ने कई ट्वीट करते हुए लिखा, ‘‘एजबस्टन के ब्लॉक 22 एरिक होलीस में भारतीय प्रशंसकों के साथ नस्ली दुर्व्यवहार किया गया। लोगों ने हमें अपशब्द कहे। हमने वहां मौजूदा कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी और उन्हें दोषियों को कम से कम 10 बार दिखाया लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और हमें अपनी सीट पर बैठने को कहा गया।” उन्होंने लिखा, ‘‘हमें अपने साथ मौजूद महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का भी डर था लेकिन जब हम बाहर निकले तो हमें कोई सहायता प्रदान नहीं की गई। आज के समाज में यह अस्वीकार्य है। बीसीसीआई। इंग्लैंड बनाम भारत।”

    भारतीय टीम के समर्थकों के आधिकारिक समूह भारत आर्मी ने कहा कि दर्शकों को कुछ व्यक्तियों से दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। एक अन्य दर्शक ने लिखा, ‘‘यह बताते हुए दुख होता है कि हमारे कई सदस्यों को कुछ लोगों के नस्ली दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। हम एजबस्टन के अधिकारियों से सारी चीजें साझा करेंगे। हमारा समर्थन करने वाले इंग्लैंड के प्रशंसकों को धन्यवाद।” उन्होंने लिखा, ‘‘प्रशंसकों के बीच अच्छी छींटाकशी में कोई समस्या नहीं है लेकिन आज मैच के दौरान हमें अब तक के सबसे बदतर दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। कुछ घिनौना नस्लवाद। कुछ कर्मचारियों ने असल में भारतीय प्रशंसकों को बैठ जाने को कहा और इस तरह एजबस्टन में दुर्व्यवहार जारी रहने दिया। ” 

    ईसीबी ने कहा कि वे इस तरह की खबरें सुनकर बेहद चिंतित हैं। ईसीबी ने ट्वीट किया, ‘‘आज के टेस्ट मैच के दौरान नस्ली दुर्व्यवहार की खबरें सुनकर हम बेहद चिंतित हैं। हम एजबस्टन में अपने साथियों के संपर्क में हैं जो इस मामले की जांच करेंगे। क्रिकेट में नस्लवाद की कोई जगह नहीं है।” मेजबान इंग्लैंड को अंतिम दिन टेस्ट जीतकर श्रृंखला 2-2 से बराबर करने के लिए 119 रन की जरूरत है। (एजेंसी)