Team India
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    नयी दिल्ली. आस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली का मानना है कि भारतीय टीम में टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने का माद्दा है लेकिन उसके लिये उसे अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ खेलना होना यानी हार्दिक पंड्या को गेंदबाजी करनी होगी और भुवनेश्वर कुमार को रफ्तार बढानी होगी। पीटीआई से खास बातचीत में ली ने भारतीय टीम के गेंदबाजी आक्रमण के बारे में बात की और कहा कि पहले मैच में पाकिस्तान के हाथों दस विकेट से हारने के बावजूद भारत वापसी कर सकता है।

    टीम में पंड्या की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, “भारतीय टीम तभी मजबूत है जब हार्दिक पंड्या गेंदबाजी कर रहे हों, अगर वह फिट हैं तो। अगर वह फिट नहीं है तो विभिन्न विकल्पों पर विचार करना होगा लेकिन मेरा मानना है कि उन्हें हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर ही टीम में रहना चाहिये।”

    भुवनेश्वर के बारे में उन्होंने कहा, “भुवनेश्वर की सबसे बड़ी खूबी यही थी कि वह गेंद को दोनों तरफ से स्विंग करा लेते हैं। दुनिया के बहुत कम तेज गेंदबाज ऐसा कर पाते हैं। इन पिचों पर कामयाबी के लिये उसे 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालनी होगी। उसे रफ्तार में तेजी लानी होगी और विविधता की भी जरूरत है।”

    उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के खिलाफ उसने कई प्रयोग किये लेकिन विफल रहा। वह तभी प्रभावी रहता है जब घुटने की ऊंचाई तक गेंद डाले जिसमें बल्लेबाज के पगबाधा या विकेट के पीछे लपके जाने की संभावना अधिक होती है।”

    ली ने कहा कि मोहम्मद शमी टी20 क्रिकेट में इसलिये इतने कामयाब हैं क्योंकि वह टेस्ट मैच की लैंग्थ से गेंद डालते हैं। उन्होंने कहा, “टेस्ट मैच लैंग्थ यानी फुल लैंग्थ और गुडलैग्थ के बीच की गेंद। मेरा मानना है कि नयी गेंद से शुरूआती ओवरों में टेस्ट मैच लैंग्थ की गेंद से कामयाबी मिलती है।”

    आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के साथ हुए बर्ताव की भी उन्होंने निंदा की। उन्होंने कहा, “मैने पूरे आईपीएल में उसका बचाव किया क्योंकि उसके साथ बहुत खराब बर्ताव किया गया। उसकी कप्तानी छीन ली गई, उसे अंतिम एकादश में नहीं रखा गया और स्टेडियम नहीं जाने दिया गया। एक आरेंज कैपधारी से इस तरह का बर्ताव नहीं किया जाता।” (एजेंसी)