युवा दिलों की धड़कन, संजू सैमसन महज़ 28 वर्ष की उम्र में दिग्गज वाला तजुर्बा रखते हैं

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नई दिल्ली: जीवन के हर मोड़ पर सफलता पाने की चाह तो हर कोई रखता है, लेकिन अपने सपनों को जीने और सफलता के मुकाम सचमुच हासिल करने का साहस और दृढ़ संकल्प कम ही लोगों के पास होता है। संजू सैमसन ऐसे व्यक्तित्व की जीती-जागती मिसाल हैं, जिन्होंने बेहद कम उम्र से अपने जुनून को बनाए रखने के लिए अथाह मेहनत की और महज़ 19 वर्ष की उम्र में इंग्लैंड में एक सीरीज़ के लिए 17 सदस्यों वाली भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाई। सैमसन की प्रोफेशनल लाइफ की शुरुआत काफी अच्छी रही, क्योंकि संजू के शुरुआती सफर में ही राहुल द्रविड़ ने उनके हुनर को पहचान लिया था। उनके विश्वास पर खरा उतरकर सैमसन ने क्रिकेट जगत में विशेष पहचान बनाई। राजस्थान रॉयल्स आईपीएल टीम में, संजू के मेंटॉर और कोच द्रविड़ ही थे, जिनसे खेल के तौर-तरीके सीखने के बाद हर मैच के साथ संजू के खेलने के कौशल में वृद्धि होती चली गई।

आईपीएल, प्रतिभाओं के लिए कई अवसर लेकर आता है। राजस्थान रॉयल्स के साथ संजू सैमसन की शानदार परफॉर्मेंस इसका जीता-जागता प्रमाण है। लम्बे समय से इस ऑर्गेनाइज़ेशन से जुड़े रहने के साथ ही सैमसन ने इसकी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपने प्रभावशाली स्ट्रोक प्ले से हमेशा ही दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर लेने वाले सैमसन के कम उम्र और गहन तजुर्बे के बावजूद, बेहतरी से खेलने और प्रेशर में सही निर्णय लेने की उनकी योग्यता से लगभग प्रत्येक दर्शक प्रभावित है।

इससे उन्हें एक कुशल विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में प्रतिष्ठा मिली। राजस्थान रॉयल्स के सीईओ जेक लश मैकक्रम ने सैमसन को फ्रैंचाइज़ी के कैप्टन के रूप में नियुक्त किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि योजना के रूप में वे संजू सैमसन को अपनी फ्रैंचाइज़ी के कैप्टन के रूप में ही देखना चाहते थे। मैकक्रम के कथन अनुसार, युवा होने के बावजूद सैमसन के पास इंडियन प्रीमियर लीग का व्यापक अनुभव है। संजू के छह साल तक लगातार फ्रैंचाइज़ी के अहम् हिस्से के रूप में चुने जाने का यह कारक सबसे प्रमुख रहा।

कैप्टन के पद पर तैनात सिर्फ दूसरे वर्ष में ही सैमसन ने राजस्थान को एक बड़ी उपलब्धि देते हुए फाइनल्स में पहुँचा दिया। वे न सिर्फ दृढ़ता से सभी प्लेयर्स को मैनेज करने में माहिर हैं, बल्कि पर्दे के पीछे उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस देने के लिए प्रेरित करने की क्षमता भी रखते हैं। आदत के रूप में सैमसन भले ही कम बोलना पसंद करते हैं, लेकिन प्लेयर्स को प्रेरित करने के उनके भरसक प्रयास टीम की सफलता के प्रमुख कारकों में से एक हैं। टीम के लिए विजय पताका लहराने में कुमार संगकारा के साथ सैमसन की भूमिका अहम् रही है, पिछला सीज़न इसका जीता-जागता प्रमाण था।

आईपीएल में संजू सैमसन का इतिहास काफी शानदार रहा है। वे वर्षों से आईपीएल के भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं। कई अविश्वसनीय रिकॉर्ड्स उनके नाम हैं, जिसमें वर्ष 2019 में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी होने और लीग में सबसे तेज शतक लगाने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज होने का गौरव मुख्य रूप से शामिल है। राजस्थान रॉयल्स के भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में वे आईपीएल में कई मैन ऑफ द मैच पुरस्कार अपने नाम कर चुके हैं। विगत वर्ष अप्रैल में आयोजित आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके द्वारा खेली गई 34 गेंदों में 52 रनों की पारी को दर्शकों से खूब सराहना प्राप्त हुई थी।

बल्लेबाजी का उनका छठा शॉट भी बेहद शानदार था, जिसने सभी को चकित कर दिया। संजू सैमसन ने अपने दमदार चौकों और छक्कों के लिए खूब ख्याति प्राप्त की है। सैमसन ने अपने आईपीएल करियर में कुल 444 बाउंडरीज़ मारी है, जिनमें 282 चौके और 162 छक्के शामिल हैं। यह प्रत्यक्ष तौर पर उनके हिट करने के लाजवाब तरीके को दर्शाता है। उनके शॉट्स की यह खूबसूरती वास्तव में उन्हें सबसे अलग बनाती है।

सैमसन की शानदार परफॉर्मेंस के बदौलत ही राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर अपने आईपीएल 2023 के सफर की सफल शुरुआत की। इस मैच में उन्होंने 32 गेंदों पर 55 रन का सर्वोच्च स्कोर बनाया था, जिसने राजस्थान रॉयल्स को मजबूत टीम के रूप में पेश किया। यह उपलब्धि यहीं आकर नहीं रुकती, सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 700 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बनकर सैमसन ने इतिहास रच दिया। इतना ही नहीं, संजू सैमसन वर्ष 2016 के चैंपियंस के खिलाफ आईपीएल मैच में 600 का स्कोर हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने, जिसमें विराट कोहली दूसरे स्थान पर रहे। इतना ही नहीं, राजस्थान रॉयल्स के लिए 5 रन बनाकर आईपीएल में 2000 रन बनाने वाले एकमात्र विकेटकीपर की शानदार उपलब्धि भी उन्हीं के नाम है।

आईपीएल में शानदार रिकॉर्ड्स बनाने के साथ ही अपनी प्रभावशाली परफॉर्मेंस से संजू सैमसन पहले ही क्रिकेट जगत में अपना लोहा मनवा चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स का कैप्टन बनना उनकी उपलब्धियों की शानदार श्रृंखला में चार चाँद लगा देता है। इस प्रतिभाशाली और निपुण क्रिकेटर ने हर पहलू पर यह साबित किया है कि वह जो ठान लेता है, करके दिखाता है।