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    चीबा (जापान). भारत की पदक की प्रबल दावेदार विनेश फोगाट (Vinesh Phoghat) गुरुवार को यहां महिला 53 किग्रा वर्ग के पहले दौर में रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता और विश्व चैंपियनशिप की छह बार की पदक विजेता स्वीडन की सोफिया मेगडालेना मैटसन को हराकर टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रही। विनेश ने डिफेंस को आक्रमण में बदलने का शानदार नजारा पेश किया। भारत की 26 साल की पहलवान ने स्वीडन की खिलाड़ी को 7-1 से हराया।

    विनेश ने 2019 विश्व चैंपियनशिप में भी मैटसन को हराया था। क्वार्टर फाइनल में विनेश का सामना बेलारूस की वानेसा कालादजिन्सकाया से होगा जो यूरोपीय चैंपियन हैं। मैटसन ने जब भी विनेश के दायें पैर पर हमला किया जो भारतीय पहलवान ने पलटवार करते हुए अंक जुटाए। भारतीय खिलाड़ी ने पूरे मुकाबले के दौरान जज्बा बनाए रखा और विरोधी पहलवान को चित्त करने का मौका भी बनाया लेकिन स्वीडन की खिलाड़ी इससे बचने में सफल रही।

    विनेश ने 2019 विश्व चैंपियनशिप के अपने पहले दौर के मुकाबले में मैटसन को हराया था। भारतीय पहलवान ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ तोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल किया था। हालांकि युवा अंशु मलिक 57 किग्रा वर्ग में रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता रूस की वालेरा कोबलोवा के खिलाफ रेपेचेज मुकाबले में 1-5 की हार के साथ पदक की दौड़ से बाहर हो गई।

    अंशु हालांकि अपनी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ लगातार हमले करती रही और एक समय बढ़त पर थी लेकिन रूस की पहलवान ने दो अंक के साथ बढ़त बनाई और फिर जीत दर्ज करने में सफल रही। उन्नीस साल की अंशु अपने पहले दौर में यूरोपीय चैंपियन इरिना कुराचिकिना से हार गई थी और बेलारूस की खिलाड़ी के फाइनल में जगह बनाने के बाद उन्हें रेपेचेज में हिस्सा लेने का मौका मिला। आज भारत के पुरुष पहलवान रवि दहिया (57 किग्रा) और दीपक पूनिया (86 किग्रा) क्रमश: स्वर्ण और कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे।