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    टोक्यो: एक बड़ी खबर के अनुसार टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में पीवी सिंधु (P.V Sindhu) ने शानदार मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को हरा दिया है। जी हाँ सिंधु ने यामागुची को सीधे गेम में 21-13, 22-20 से मात दी। कांटे का ये मुकाबला  रोमांचक  56 मिनट तक चला। इसके साथ ही सिंधु आज सेमिफिनल में पहुँच गयी है।

    आज भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने तोक्यो ओलंपिक की महिला एकल स्पर्धा के क्वार्टरफाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 56 मिनट में 21 . 13 , 22 . 20 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। रियो ओलंपिक 2016 की रजत पदक विजेता ने इस तरह बैडमिंटन में पहले ओलंपिक स्वर्ण पदक की उम्मीद बनाये रखी। अब उनका सामना थाईलैंड की रतचानोक इंतानोन और चीनी ताइपे की ताई जु यिंग के बीच होने वाले दूसरे क्वार्टरफाइनल के विजेता से होगा।  

    जोरदार रही सिंधु और यामागुची की टक्कर :

    आज सिंधु और जापान की अकाने यामागुची के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। दोनों ने आज अपनी वर्ल्ड क्लास बैडमिंटन का प्रदर्शन किया। वहीं पीवी सिंधु ने आज पहला गेम आसानी से जीत लिया था। उन्होंने 21-13 से पहला गेम अपने नाम किया। ये गेम 23 मिनट तक चला था। सिंधु आज इससे 1-0 से आगे हो गई थी। आज सिंधु का डिफेंस और अटैक मास्टरक्लास रहा है। एक दो रैलियों को छोड़कर यामागुची आज थोड़ी मुश्किल में दिखी हैं। आज सिंधु ने अपनी रैलियों में समुचित समय लिया।

    मौजूदा विश्व चैम्पियन सिंधू ने दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी यामागुची के खिलाफ 11 – 7 के जीत के रिकार्ड का फायदा उठाकर पहला गेम महज 23 मिनट में 21 . 13 से अपने नाम कर लिया।  दूसरे गेम में यामागुची ने वापसी करने की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया और 33 मिनट में जीत दर्ज कर अंतिम चार में जगह पक्की की। 

    भारत के लिया कैसा रहा आज का दिन :

    आज टोक्यो ओलंपिक का 8वां दिन है। जहाँ एक तरफ महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने भारत के खाते में एक और मेडल पक्का कर दिया है। जी हाँ उन्होंने 69 किलो वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की निएन चिन चेन को 4-1 से मात दी है। इसके साथ ही लवलीना ने इस जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बना ली है। वहीं, तीरंदाज दीपिका कुमारी महिला व्यक्तिगत का क्वार्टर फाइनल मुकाबला हारकर बाहर हो गई हैं। 

    सिंधु का यामागुची के खिलाफ रिकॉर्ड काफी अच्छा :

    वैसे भी सिंधु का यामागुची के खिलाफ रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। उन्होंने यामागुची के खिलाफ 18 में से 11 मुकाबले जीते हैं, जबकि 7 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों के बीच मार्च में ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में हुए पिछले मुकाबले में सिंधु ने बाजी मारी थी। वहीं सिंधु से टोक्यो ओलंपिक में भी अब एक पदक की उम्मीद की जा रही थी। बता दें की रियो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु ने ग्रुप-जे में शीर्ष पर रहकर नॉकआउट के लिए क्वालिफाई किया था।