जिवनावश्यक वस्तू के लिए 24X7 काम जारी

नागपुर. राज्य में बिजली निर्माण के लिए कोयले की बढ़ती मांग के चलते मध्य रेल ने आवश्यक वस्तुओं और कोयले के 4 दिनों में 190 रैक लोड किए. कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर रेल प्रशासन ने 14 अप्रैल तक देशभर में यात्री ट्रेन सेवाओं के संचालन को निलंबित कर दिया है. वर्तमान में रेलवे पूरे देश में केवल मालगाड़ियों का परिचालन कर रही है.

मध्य रेल अपनी निर्बाध माल ढुलाई सेवाओं के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रहा है. विभिन्न राज्यों में लाकडाउन की स्थिति के दौरान प्रशासन विभिन्न गुड्सशेडो, स्टेशनों और नियंत्रण कार्यालयों में कर्मचारियों को तैनात किया गया है. पिछले 4 दिनों में लगभग 5.66 लाख टन माल की ढुलाई की गई. वैगनों के संदर्भ में 9,837 वैगनों का लदान किया गया है.

महाराष्ट्र के परली, नासिक, पारस, कोराडी और मौडा और मध्यप्रदेश के सारणी और सिंगाली में बिजली संयंत्रों के लिए 102 रैकों में कोयला लोड किया गया. नागपुर से 100 रैक और मुंबई से 2 रैक चलाए गए. पेट्रोल, तेल और लुब्रीकेंट (पीओएल) एलपीजी को विभिन्न स्थानों जैसे गायगांव, खापरी, ताडली आदि में आपूर्ति के लिए 17 रैक में ले जाया गया. इस दौरान भुसावल ने अकेले 13 रैक चलाए. इसने प्याज का एक पूरा रैक भी चलाया. कंटेनर यातायात के 57 रैक में से मुंबई से 46 थे. उर्वरक के सभी 6 रैक मुंबई मंडल से उत्तर और दक्षिण भाग के भेजे गए हैं.