छत्तीसगढ़ में वोटों की गिनती शुरू
छत्तीसगढ़ में वोटों की गिनती शुरू

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में भी सभी जिला मुख्यालय पर 90 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना शुरू हो गई है। कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही मतगणना पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता अपनी नजर बनाए हुए हैं। अभी तक मिले शुरुआती रुझानों में कांग्रेस पार्टी अपनी सत्ता को बरकरार रखने में कामयाब होती नजर आ रही है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी भी अपनी सीटों के बढ़ने का इंतजार कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि यह अंतर कम होगा और भारतीय जनता पार्टी भी आगे जा सकती है। अभी तक शुरूआती रुझानों में ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर नहीं थी और भाजपा सरकार की नाकामियों को भुनाने में असफल साबित हो रही है और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल अपनी कुर्सी बरकरार रखने में कामयाब हो सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीट पर हुए चुनाव के लिए मतगणना रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। राज्य में चुनाव और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने बताया, ‘‘राज्य के सभी 33 जिलों, खासकर नक्सल प्रभावित जिलों में मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।” 

 

डाक मतपत्रों की गिनती के आधे घंटे बाद ईवीएम के जरिए डाले गए वोटों की गिनती की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि मतगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए 90 निर्वाचन अधिकारी, 416 सहायक निर्वाचन अधिकारी , 4596 मतगणना कर्मी और 1698 माइक्रो पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

राज्य विधानसभा की 90 सीट के लिए सात और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान हुआ था। जिसमें 76.31 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। यह 2018 के विधानसभा चुनाव में दर्ज 76.88 प्रतिशत मतदान से कुछ कम है। अधिकारियों ने बताया कि सभी 90 सीट के लिए आज 33 जिला मुख्यालयों में सुबह आठ बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतगणना केंद्र पर तीन स्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।  

अधिकारियों ने बताया कि डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले शुरू हुई। डाक मतपत्रों की गिनती के आधे घंटे बाद ईवीएम के जरिए डाले गए वोटों की गिनती की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि मतगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए 90 निर्वाचन अधिकारी, 416 सहायक निर्वाचन अधिकारी , 4596 मतगणना कर्मी और 1698 माइक्रो पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक हॉल में मतगणना के लिए 14 मेजें लगाई गई हैं। छह विधानसभा क्षेत्रों- पंडरिया, कवर्धा, सारंगढ़, बिलाईगढ़, कसडोल और भरतपुर-सोनहत में 21 मेजों की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि जशपुर और मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में वोटों की गिनती सबसे अधिक 24 चरण में होगी तथा मनेंद्रगढ़ और भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के लिए सबसे कम 12 चरण में गिनती होगी।  

प्रदेश में ज्यादातर सीट पर सत्ताधारी दल कांग्रेस और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। राज्य में कांग्रेस सत्ता में वापसी करने का दावा कर रही है। पार्टी को विश्वास है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पार्टी ने किसान, आदिवासी, और गरीबों के लिए काम किया है, जिसके दम पर एक बार फिर यहां कांग्रेस की सरकार बनेगी। वहीं 2003 से 2018 तक लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रही भाजपा को उम्मीद है कि राज्य की जनता एक बार फिर उन्हें मौका देगी। पार्टी ने प्रचार के दौरान बघेल सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। 

(एजेंसी)