कवर्धा हिंसा पर दर्ज एफआईआर से भड़के संतोष पांडे, कहा- भाजपा नेताओं को टारगेट कर रही ‘पुलिस कांग्रेस कमेटी’

    राजनांदगाव: कवर्धा में हुई हिंसा को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। एक ओर भाजपा जहां एक मामले पर बघेल सरकार पर हमलावर है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने कई भाजपा नेताओं के खिलाफ दंगा भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। वहीं इस दर्ज मामले पर खुद का नाम शामिल करने पर राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे भड़क गए हैं। उन्होंने पुलिस को पुलिस कांग्रेस कमेटी बताते हुए कहा कि, “वह भाजपा नेताओं को निशाना बना रही है।”

    पांडेय ने कहा, “मैं किसी हिंसा में शामिल नहीं था। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि मेरे खिलाफ कोई सबूत दिखाएं। पुलिस सिर्फ बीजेपी वालों को टारगेट कर रही है. यहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जगह ‘पुलिस कांग्रेस कमेटी’ है।”

    इन लोगों पर दर्ज हुए है मामले

    हिंसा के मामले में पुलिस ने भाजपा सांसद संतोष पांडेय और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह समेत अन्य पार्टी के नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है वहीं कुछ नेताओं पर दंगा करने का भी आरोप लगाया है। भाजपा के संतोष पांडेय राजनांदगांव से लोकसभा सांसद हैं।

    क्या है मामला? 

    तीन अक्टूबर रविवार को कवर्धा के लोहारा नाका के पास एक खंभे पर झंडे लगाने को लेकर कुछ युवकों में कहा सुनी हो गई थी। वहीं सुबह यह विवाद युवकों से बढ़कर दो पक्षों के बीच हो गया। हालात मारपीट तक पहुंच गए थे। वहीं उसी दिन दोपहर तक यह विवाद दो समुदाय के बीच का हो गया।

    इसके बाद दोनों समुदाय के लोग थाने पहुंचे और एक दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज करने को लेकर नारे लगाने लगे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पत्थर बाजी करना शुरू कर दिया। जिसमें एक युवक घायल हो गया। जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। युवक पर हुए इस हमले से एक समुदाय के लोग उग्र हो गए और बड़ी संख्या में युवक लोहारा नाका की ओर निकल चले।

    इस दौरान युवाओं की भीड़ ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और खंबे से झंडा हटाने वालों कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। वहीं वहां मौजूद कुछ युवाओं ने फिर से खंबे पर धार्मिक झंडा वहां लगा दिया। जिसे फाड़ा गया था।