Gujarat boat accident
PTI Photo

Loading

वडोदरा: गुजरात के वडोदरा में नाव पलटने के हादसे से जुड़ी जांच से पता चला है कि झील मनोरंजन क्षेत्र का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने नौकायन गतिविधियों का ठेका किसी अन्य कंपनी को दे दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसके मालिक और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, नाव संचालक को पहले से इस संबंध में कोई अनुभव नहीं था और उसके सहायक को तैरना भी नहीं आता था। हरनी इलाके में स्थित मोटनाथ झील में पिकनिक मनाने आए छात्रों और शिक्षकों को ले जा रही नाव बृहस्पतिवार अपराह्न को पलट गई थी। इस हादसे में 12 छात्रों और दो शिक्षकों की मौत हो गई थी। मामले की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि नाव में क्षमता से अधिक व्यक्ति सवार थे। 

वडोदरा के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने शनिवार को कहा कि परेश जैन और नीलेश शाह के नाम प्राथमिकी में जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि जैन ‘डॉल्फिन एंटरटेनमेंट’ के मालिक हैं, जिसे ‘कोटिया प्रोजेक्ट्स’ ने ठेका मिलने के बाद काम सौंप दिया था। वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) ने लोगों के मनोरंजन के उद्देश्यों के लिए झील के किनारे का विकास, संचालन और रखरखाव का अनुबंध ‘कोटिया प्रोजेक्ट्स’ के साथ किया था।

गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि शाह ‘कोटिया प्रोजेक्ट्स’ से जुड़े थे और उन्होंने त्रासदी के बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से तीन को फर्म के निदेशक के रूप में नियुक्त करने में भी भूमिका निभाई थी। गहलोत ने कहा कि पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य फरार लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस (एलओसी) जारी किया गया है। शनिवार को एक अदालत ने छह आरोपियों को 25 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

(एजेंसी)