मैकेनाइज्ड इन्फ्रन्ट्री रेजिमेंट का इतिहास हमेशा प्रेरित करता रहेगा

    अहमदनगर. हर सैनिक अपनी बटालियन (Battalion), रेजिमेंट (Regiment), सेना (Army) और देश के लिए गर्व होता है इसलिए अपने और पलटन के नाम,  निशान को हमेशा ऊंचा रखें। वर्दी ही सैनिक का धर्म है और यह हमेशा ही निजी धर्म से पहले आता है। मैकेनाइज्ड इन्फ्रन्ट्री रेजिमेंट (Mechanized Infantry Regiment ) का सुनहरा और गौरवपूर्ण इतिहास (History) आपको सदैव प्रेरित करता रहेगा। ऐसा प्रतिपादन भारतीय सेना की सदर्न कमांड के एमजी एडमिन मेजर जनरल पद्मसिंह शेखावत ने किया।

     गुरूवार सुबह अहमदनगर के मेकैनाइज्ड इन्फ्रंन्ट्री रेजिमेंट सेंटर (एमआयआरसी)के अखौरा ड्रील स्क्वेयर मैदान पर आयोजित शानदार साक्षांकन परेड में 36 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा करनेवाले 241 युवा सैनिकों ने देश सेवा की शपथ ली। इस परेड के दौरान भारतीय सेना की सदर्न कमांड के एमजी एडमिन मेजर जनरल पद्मसिंह शेखावत ने इस परेड का निरीक्षण किया। प्रशिक्षण पूरा करनेवाले ये नौजवान अब तकनीकी ट्रेनिंग पूरा करने के उपरांत देश सेवा के लिए अपने अपने रेजिमेंट में भर्ती होंगे।

    मेजर जनरल पद्मसिंह शेखावत ने कहा कि मेकेनाइज्ड इन्फ्रन्ट्री रेजिमेंट का नारा वीरता और विश्वास एक सैनिक की दो विशेषताओं को दर्शाता है। वीरता शब्द सिपाही के ऊंचे मनोबल, आत्मसम्मान,न्यायभावना और दृढ निश्चय के गुण दर्शाता है। विश्वास के तहत एक सैनिक का स्वयंपर,अपने हाथियार,अपने साथियों और अपने कमांडर के नेतृत्व की क्षमता और  देश के नेक और न्यायपूर्ण विचारों पर विश्वास दर्शाता है। आजके बदलते माहौल में ना केवल बाहरी ताकतों से अपने देश की सुरक्षा करनी है, बल्कि अंदरुनी और अलगाववादी ताकतों से भी देश की एकता और अखंडता को बचाकर रखना है। एमआयआरसी के कमांडंट ब्रिगेडियर विजय सिंह राणा समेत एमआयआरसी के वरिष्ठ अधिकारी इस समय उपस्थित थे। परेड एडज्युटंट आर.एस. जसरोटिया के नेतृत्व में रिक्रुट जवानों ने देश सेवा की शपथ ली। सबसे अच्छा प्रदर्शन करनेवाले रिक्रुट पंकज यादव को जनरल सुंदर जी गोल्ड मेडल, रिक्रुट दयाराम गुर्जर  को जनरल डिसूजा सिल्वर मेडल और रिक्रुट  आशिक राय को जनरल पंकज जोशी ब्रांज मेडल देकर नवाजा गया।