Farmers waiting for rain, farmers outraged by pest infestation on crops
Representational Pic

    अकोला. जिले के किसानों की हालत अभी भी सुधर नहीं पा रही है. अभी तक किसान फसल कर्ज मंजूर करवाने में लगे थे. उस पर भी अभी भी कई किसान ऐसे हैं जिन्हें फसल कर्ज नहीं मिल पाया है. फिर भी उन किसानों ने किसी तरह से निजी स्तर पर कर्ज लेकर खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी शुरू कर दी थी. कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने खरीफ फसल की बुआई की तैयारी कर ली है. सबसे पहली समस्या तो किसानों के सामने यह थी कि किसानों को महाबीज के सोयाबीन के बीज नहीं मिल रहे थे.

    कई किसान ऐसे हैं कि जब उन्होंने देखा की महाबीज के सोयाबीन के बीज की कमी है उन्होंने अधिक दाम देकर दूसरी कंपनियों के सोयाबीन के बीज खरीद लिए. इसके बाद कुछ किसानों को तो अधिक दाम देने के बाद भी सोयाबीन के बीज उपलब्ध नहीं हो पाए. शायद इसी कारण से कई किसानों ने सोयाबीन की जगह कपास के बीज बुआई के लिए खरीद लिए. अभी भी कुछ स्थानों पर अधिक दामों पर सोयाबीन के बीज उपलब्ध हैं.

    इसी तरह बीज के साथ साथ इस वर्ष खाद के दामों में भी वृद्धि हुई है. फसल बीमा के पैसे भी कई किसानों को नहीं मिले हैं. कुछ किसानों ने जिन्होंने कम बारिश में ही बुआई कर दी थी अब वे चिंताग्रस्त देखे जा रहे हैं कि यदि उन्हें दुबारा बुआई करनी पड़ी तो पैसा कहां से आएगा. इस समय सभी किसानों को दमदार बारिश का इंतजार है. 

    अभी तक दमदार बारिश नहीं

    बड़ी संख्या में किसानों ने किसी तरह खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी तो कर ली है. लेकिन अभी तक समुचित और दमदार बारिश न होने से किसान काफी परेशान देखे जा रहे हैं. क्योंकि बिना दमदार बारिश के किसान बुआई शुरू नहीं कर रहे हैं. कुछ किसान ऐसे हैं जिन्होंने थोड़ी बारिश के बाद ही बुआई शुरू कर दी थी लेकिन फिलहाल बारिश न होने के कारण उनकी फसलों की स्थिति खराब हो रही है.

    यदि शीघ्र बारिश नहीं होती है तो निश्चित ही फसलें खराब होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है. अभी तक जिले भर में करीब 70 से 90 मि.मी. बारिश दर्ज की गयी है. किसानों का कहना है कि कम से कम 100 मि.मी. बारिश होने के बाद ही बुआई शुरू की जा सकती है. डा.पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के साथ साथ अन्य कृषि विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि दमदार बारिश के बिना बुआई शुरू न करें.

    अच्छी बारिश होने के बाद ही बुआई करें जिससे यदि बुआई के बाद कुछ दिनों तक पानी नहीं भी आता है तो जमीन में काफी नमी बनी रहती है और जल्दी फसलें खराब नहीं होती हैं. इसी लिए अभी जिले के किसान दमदार बारिश की राह देख रहे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक जिले भर में करीब 3 प्रश से अधिक बुआई नहीं की गयी है. कुछ क्षेत्रों में थोड़ी बहुत बारिश हुई है तो कुछ क्षेत्र अभी भी सूखे पड़े हुए हैं.