Senior citizens don't panic, just make a call

    अकोला. पश्चिम बंगाल निवासी एक वृद्ध अकोला रेलवे स्टेशन पर उतरे और उनकी गाड़ी छूट गई. वाशिम जिले के नागरतास निवासी एक वृद्ध भी इसी स्थिति में अकोला रेलवे स्टेशन पर पाए गए. इन दोनों के पास उनका पता उपलब्ध न होने की वजह से अकोला रेलवे पुलिस ने उनके परिजनों की तलाश की व उन्हें उनके परिवार तक वापस पहुंचाया. 

    पश्चिम बंगाल निवासी आदत सरकार कैंसरग्रस्त होने की वजह से अपने पुत्र अरविंद सरकार के साथ कामाख्या एक्सप्रेस से मुंबई से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए थे. वे किसी कार्यवश अकोला रेलवे स्टेशन पर उतरे और गाड़ी छूट जाने की वजह से स्टेशन पर ही इधर-उधर भटकने लगे. उसके कुछ देर बाद वे किसी दूसरी ट्रेन में सवार होकर गोंदिया पहुंच गए. उनके साथ ही सफर पर निकले उनके बेटे ने भी उनकी तलाश शुरू कर दी. उसने नागपुर रेलवे पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई.

    वहीं दूसरी तरफ उनकी तलाश कर रही अकोला रेलवे पुलिस को उनके गोंदिया में होने का पता चला. अंतत: पुलिस ने गोंदिया में तलाशकर आदत सरकार को उनके परिवार तक पहुंचा दिया. यह कार्यवाही रेलवे पुलिस अधीक्षि राजकुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैशाली शिंदे एवं उप विभागीय पुलिस अधिकारी अनंत तारगे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक अर्चना गाढवे व उनके पथक ने की. 

    इसी तरह के दूसरे मामले में वाशिम जिले के नागरतास निवासी पांडुरंग देवडे की मानसिक स्थिति ठीक न होने की वजह से अकोला रेलवे स्टेशन परिसर में रोते हुए मिले. वे अपने नाम के अलावा और कुछ भी नहीं बता रहे थे. रेलवे पुलिस ने उनके सामान को चेक किया तो उनके नगरतास निवासी होने की बात पता चली. पुलिस ने उन्हें भी उनके परिवार तक पहुंचा दिया.