अकोला मनपा के चुनाव, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा होगी तिथि निश्चित

    • मनपा की प्रभाग रचना को चुनाव आयोग की मंजूरी

    अकोला. अकोला महानगर पालिका के चुनाव कब होंगे इस ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है. फरवरी 2017 में मनपा चुनाव के चुनाव परिणाम आए थे उस अनुसार फरवरी 2022 में अकोला मनपा के पदाधिकारियों का कार्यकाल पूरा हो गया है. उस अनुसार अब मनपा के चुनाव होने चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी का आरक्षण रद्द कर दिया है. उस अनुसार ओबीसी आरक्षण के बिना अब मनपा चुनाव होने जा रहे हैं. इस समय तो इसी प्रकार का चित्र है कि इस बार चुनाव ओबीसी आरक्षण के बिना होंगे. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षित स्थान छोड़कर अन्य सभी स्थानों पर खुले प्रवर्ग के अनुसार चुनाव होंगे. 

    17 मई को हो सकती है मनपा चुनाव की तिथि निश्चित

    जिन मनपा, न.पा., जि.प. तथा पं.स. स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं का कार्यकाल पूरा हो गया है इनके चुनाव सितंबर तथा अक्टूबर 2022 में लिए जाएं इस तरह का निवेदन राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में किया है ऐसी जानकारी मिली है, राज्य चुनाव आयोग द्वारा किए गए इस निवेदन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई 2022 को सुनवाई है इस दिन सुप्रीम कोर्ट मनपा चुनाव कब लिए जाएं इस बारे में आदेश दे सकता है. उस अनुसार 17 मई को मनपा चुनाव की तिथि निश्चित हो सकती है. इस ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है. यदि सितंबर, अक्टूबर में चुनाव होते हैं तो संबंधितों को और इंतजार करना पड़ सकता है.

    प्रभाग रचना को चुनाव आयोग की मंजूरी

    अकोला मनपा की अंतिम प्रभाग रचना को चुनाव आयोग ने मंजूरी प्रदान कर दी है. इस बारे में राज्य चुनाव आयोग ने जी.श्रीकांत को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया था. 22 फरवरी को इस बारे में सुनवाई हुई थी, सुनवाई की प्रक्रिया के बाद अब चुनाव आयोग ने अंतिम प्रभाग रचना की अधिसूचना घोषित की है.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 प्रभागों से पार्षदों की संख्या 91 रहेंगी. इसमें से 46 महिलाओं के लिए प्रभाग आरक्षित रहेंगे. आठ स्थान अनुसूचित जाति तथा एक स्थान अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहेगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अनुसार चुनाव होने की संभावना है. ओबीसी आरक्षण के बिना मनपा चुनाव होंगे उस अनुसार इच्छुक प्रत्याशियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. अब सभी इच्छुक उम्मीदवारों का ध्यान इस ओर लगा हुआ है कि मनपा चुनाव की तिथि कब निश्चित होती है. उस अनुसार इच्छुक प्रत्याशी अपनी चुनावी तैयारियों की गति बढ़ाएंगे. फिलहाल सबका ध्यान चुनाव तिथि की ओर लगा हुआ है.