murder

  • किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा
  • पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर

अकोला. शनिवार की देर रात गिट्टी, मुरुम के व्यवसायी गोपाल अग्रवाल (45) की एमआईडीसी क्षेत्र में अप्पू पॉइंट के पास हत्या कर दी गयी थी. हत्या की गुत्थी स्थानीय अपराध शाखा पुलिस ने सुलझा ली है. आज इस बारे में जिला पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर ने उनके कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में पूर्ण जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अकोला के एमआईडीसी थाने में फरियादी राजेश भांगे ने जो कि संजय स्टोन क्रेशर में सुपरवाइजर है, शिकायत की है. जो कि इस प्रकार है.

26 दिसंबर की रात उनके स्टोन क्रेशर के मालिक संजय अग्रवाल के चचेरे भाई गोपाल अग्रवाल (45) जो कि मोटरसाईकिल से बोरगांव से अकोला आ रहे थे. एमआईडीसी के अप्पू पॉइंट के पास दो अपरिचित लोगों ने मोटरसाईकिल पर आकर गोपाल अग्रवाल पर गोली चलाई तथा उन्हें मारकर 1 लाख 50 हजार रू. का बैग छीन कर फरार हो गए.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में अकोला की अपराध शाखा पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें से मुख्य आरोपी सागर कोठाले यह संजय अग्रवाल के स्टोन क्रेशर में टिप्पर के ड्रायवर के रूप में कार्यरत था. करीब दो माह पूर्व संजय अग्रवाल के चचेरे भाई मृतक गोपाल अग्रवाल ने उसे किसी कारणवश नौकरी से निकाल दिया था. इस बात से नाराज होकर उसने बदला लेने की दृष्टि से गोपाल अग्रवाल पर गोली चलाई.

इस बारे में आरोपी को विजय राठोड़ जो कि कातखेड़ा, तहसील बार्शीटाकली का रहनेवाला है. लखन राठोड़ जो कि कुंभारी तहसील जिला अकोला का रहनेवाला है. रणधीर मोरे जो कि राहुल नगर, शिवणी अकोला का रहनेवाला है. इन तीनों ने उसकी मदद की. बताया गया कि जब से सागर कोठाले को नौकरी से निकाला गया था वह गोपाल अग्रवाल को मारने का मौका देख रहा था. गोपाल अग्रवाल के जन्मदिन के दिन भी सागर कोठाले ने गोपाल अग्रवाल के यहां जाकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. उसके बाद उसी दिन रात में उन पर गोली चलाई.

आरोपी क्रमांक 2 विजय राठोड़ भी गोपाल अग्रवाल पर नजर रख रहा था और आरोपी क्र.3 लखन राठोड़ तथा आरोपी क्र.4 रणधीर मोरे, गोपाल अग्रवाल के आने जाने की लोकेशन पर ध्यान रख रहे थे. उस अनुसार 26 दिसंबर को आरोपी रणधीर मोरे ने फोन पर सागर कोठाले को जानकारी दी कि गोपाल अग्रवाल संजय स्टोन क्रेशर के सुपरवाइजर राजेश भांगे के साथ 1 लाख 50 हजार रू. की रकम लेकर मोटरसाइकिल से डबल सीट अकोला के लिए निकले हैं.

उस अनुसार अप्पू टी-पॉइंट के पास सागर कोठाले ने गोपाल अग्रवाल पर पीछे से गोली चलाई. इस समय राजेश भांगे मोटरसाइकिल चला रहे थे और गोपाल अग्रवाल पीछे बैठे थे. मोटरसाइकिल छोड़कर गोपाल अग्रवाल और राजेश भांगे वहां से भागे, किसी तरह राजेश भांगे ने अपनी जान बचाई. लेकिन आरोपियों का निशाना गोपाल अग्रवाल पर था. पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस के पास अपना अपराध कबूल किया है.

एक सवाल के जवाब में जिला पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर ने कहा कि इस हत्याकांड में उपयोग की गयी रिवाल्वर कहां से लाई गयी, इसके अलावा भी अन्य कुछ मुद्दे हैं जिसके बारे में पुलिस द्वारा गंभीरता से जांच जारी है. उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा. पत्र परिषद में पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका राऊत, एलसीबी के पुलिस निरीक्षक शैलेश सपकाल उपस्थित थे.

अकोला एलसीबी ने की मामले की जांच

गोपाल अग्रवाल हत्याकांड की पूर्ण जांच पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका राऊत के मार्गदर्शन में अकोला एलसीबी के पुलिस निरीक्षक शैलेश सपकाल तथा उनकी पूरी टीम ने की है, यह उल्लेखनीय है. दो दिनों के अंदर एलसीबी ने इस संपूर्ण हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है. यह उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड के चारों आरोपी 25 वर्ष के अंदर हैं. मुख्य आरोपी सागर कोठाले 23 वर्ष, विजय राठोड़ 24 वर्ष, लखन राठोड़ 21 वर्ष और रणधीर मोरे 23 वर्ष का है.