सड़कों बैठे रहते हैं मवेशी, कांजी हाउस विभाग सुस्त

    अकोला. शहर में बड़ी संख्या में आवारा जानवर खुलेआम घूम रहे हैं. इससे अकसर शहर की मुख्य सड़कों पर ट्राफिक जाम की स्थिति बन जाती है. लेकिन मनपा के कांजी हाउस विभाग का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है. टावर चौक पर अकसर गाय, बैल, भैंस और बकरियां दिखाई देते हैं. बस चालक के हॉर्न बजाने से उन पर कोई असर नहीं पड़ता है. बस चालक हॉर्न बजाता रह जाता है लेकिन यह मवेशी टस से मस नहीं होते दिखाई देते हैं. अंत में यात्रियों को ही बस से नीचे उतकर जानवरों को रास्ते के एक ओर ले जाना पड़ता है.

    इसी तरह राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी जानवरों की मौजूदगी के कारण दोनों तरफ वाहनों की कतार लग जाती है. अंतत: यातायात पुलिस को ही यातायात सुचारू करवाने के लिए इन मवेशियों को एक ओर ले जाना पड़ता है. आवारा जानवरों को पकड़कर कांजी हाउस  में बंद कर संबंधित मालिक पर जुर्माना लगाने की जिम्मेदारी कांजी हाऊस विभाग की होती है. लेकिन वर्तमान में कांजी हाऊस विभाग का कार्य कागजों पर ही शुरू है. परिणाम स्वरूप कौन कार्रवाई करेगा? ऐसा प्रश्न उपस्थित हो रहा है.

    कांजी हाऊस की कमी

    पुराने शहर में मनपा के कांजी हाऊस में केवल 50 जानवरों के लिए पर्याप्त जगह है. इसलिए पशु अधिक हों तो परेशानी हो जाती है. कांजी हाऊस के निर्माण के लिए हर साल मनपा के बजट में प्रावधान किया जाता है. लेकिन वास्तव में निर्माण शुरू होता नहीं दिख रहा है.