cold

  • गर्म कपड़ों की दुकानों पर भारी भीड़
  • हरी मटर खरीद रहे हैं लोग

अकोला. शहर तथा जिले में अचानक ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. मौसम में अचानक काफी परिवर्तन हुआ है. पारा 9.6 डिग्री पर पहुंच गया है. सोमवार की रात पूरा शहर ठंड से ठिठुरने लगा था. रात भर शीत लहर चलती रही. उसी प्रकार की परिस्थिति आज मंगलवार की भी रही. बड़ी संख्या में लोग ठंड को देखते हुए सुबह की सैर पर नहीं निकले. सुबह की सैर पर निकलने वाले जो लोग थे उसमें वरिष्ठ नागरिकों की संख्या काफी कम थी.

इस वर्ष आज का ठंड का ऐसा पहला दिन था जब नारियल का तेल जम गया था. लोगों को नारियल के तेल की बोतल गर्म कर के तेल निकालना पड़ा. तब लोगों को आज अहसास हुआ कि आज सुबह ठंड बहुत थी. कई बार तो ठंड का पूरा मौसम निकल जाने के बाद भी लोग नारियल का तेल जमा हुआ नहीं देख पाते हैं. 

आज से निकाले लोगों ने गर्म कपड़े

पिछले कुछ दिनों से लोगों ने गर्म कपड़ों का उपयोग शुरू किया था लेकिन सोमवार की रात तथा आज सुबह से लोगों ने सामान्य गर्म कपड़ों के साथ साथ अब ऊन की टोपी, मफलर, शाल आदि का उपयोग भी शुरू कर दिया है. क्योंकि आज मंगलवार को भी शहर तथा जिले में लगातार शीत लहर शुरू थी. ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ शहर के अनेक क्षेत्रों में भी लोग अलाव जलाते हुए देखे गए हैं. शहर में अनेक स्थानों पर लोगों ने आज सुबह अलाव जलाकर अपने हाथ सेंके. इस तरह इस वर्ष की पहली अच्छी ठंड की शुरुआत आज से हुई है. 

मेहमान की तरह आती है ठंड

अकोला शहर तथा जिले में साल भर में करीब 9 माह मौसम में थोड़ी गर्मी ही रहती है. इसलिए शहर तथा जिले में लोग बहुत तीव्रता के साथ ठंड के मौसम का इंतजार करते हैं. ऐसा भी कहा जाए कि लोग ठंड के मौसम का स्वागत ही करते हैं तो भी चलेगा. ठंड भी यहां मेहमान की तरह आती है और बहुत जल्दी ही चली जाती है. ठंड के मौसम में लोग स्वेटर आदि पहन कर ठंड का स्वागत करते हैं. कई बार तो ऐसा होता है कि ठंड इतनी कम रहती है कि लोग अपना स्वेटर पहनने का शौक भी पूरा नहीं कर पाते हैं. लेकिन इस वर्ष ऐसा लग रहा है कि ठंड का मौसम थोड़ा लंबा चलेगा. लोगों ने अपने गर्म कपड़े आदि बाहर निकालकर उनका उपयोग शुरू कर दिया है. 

गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ी

आज से ठंड की तीव्रता को देखते हुए गर्म कपड़ों की दुकानों पर काफी भीड़ देखी जा रही है. क्रिकेट क्लब मैदान पर गर्म कपड़ों के बाजार में भारी संख्या में लोग गर्म कपड़े खरीद रहे हैं. बातचीत करने पर पता चला कि पिछले वर्ष की तुलना में यहां पर गर्म कपड़ों के दामों में कोई विशेष वृद्धि नहीं है. क्रिकेट क्लब मैदान में लगायी गयी दुकानों के साथ साथ पुराना कपड़ा बाजार, जैन मंदिर रोड, नया कपड़ा बाजार, जठारपेठ, गौरक्षण रोड, रतनलाल प्लाट, सिंधी कैम्प आदि सभी क्षेत्रों में जहां जहां प्रतिष्ठानों में गर्म कपड़े उपलब्ध हैं वहां वहां गर्म कपड़े खरीदने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ रही है. 

सूखा मेवा खरीद रहे हैं लोग

बढ़ती हुई ठंड के साथ साथ बड़ी संख्या में लोग सूखा मेवा खरीद रहे हैं. इस मौसम को हेल्दी सीजन कहा जाता है. हेल्दी सीजन में लोग गोंद तथा सूखे मेवे के लड्डू शुद्ध घी में बनाकर उसका सेवन करते हैं. इस बारे में स्थानीय गौरक्षण रोड पर स्थित सुनील सुपर शॉपी के संचालक सुनील बोराखड़े ने बताया कि इस समय काजू, गोडंबी, बादाम बीज, छोहारे, छोहारे का पावडर, अखरोट, गोंद, अखरोट बीज, अंजीर, बनारस शक्कर आदि की बिक्री काफी हो रही है.

उन्होंने बताया कि शुद्ध घी के विविध कंपनियों के पैकेट और डिब्बे 480 रू. लीटर से लेकर 550 तक उपलब्ध हैं. सूखे मेवे के दामों के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में दाम नहीं बढ़े हैं. वहीं कुछ सूखे मेवे के दाम पिछले वर्ष की तुलना में थोड़े कम हुए हैं. उन्होंने बताया कि गोंद की बिक्री भी अच्छी हुई है. क्योंकि सूखे मेवे के लड्डू में गोंद का उपयोग किया जाता है. 

हरी मटर खरीद रहे हैं लोग

सब्जी बाजारों के साथ साथ शहर के सभी क्षेत्रों में ठंड के साथ साथ अब हरी मटर भी बिक्री के लिए उपलब्ध है. इस वर्ष हरी मटर के दाम काफी कम हो गए हैं. अनेक क्षेत्रों में हरी मटर 30 रू. किलो से उपलब्ध है. कहीं कहीं 40 रू. किलो तक भी हरी मटर बिक रही है. लोग हरी मटर का उपयोग सब्जी आदि के लिए तो कर ही रहे हैं. कई लोग हरी मटर को भूंज कर भी खाते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इस वर्ष हरी मटर की कीमत आम आदमी के बजट के दायरे में है. बड़ी संख्या में लोग हरी मटर खरीद रहे हैं. इसी तरह हरी मेथी की सब्जी भी लोग जम कर खरीद रहे हैं. मेथी भी 20 से 30 रू. किलो के अनुसार उपलब्ध है. मेथी की पूड़ी और पराठे भी लोग बना रहे हैं.