Demand to compensate the farmers affected by excessive rain

    • अब तक जुलाई की नुकसान भरपाई नहीं मिली
    • सितंबर की नुकसान भरपाई कब मिलेगी
    • सरकार तुरंत नुकसान भरपाई दे-धनंजय मिश्रा

    अकोला. जुलाई माह में 21 जुलाई को जिले के अनेक स्थानों पर बादल फटने के समान अत्यधिक बारिश हुई थी. इसी तरह अनेक नदी, नालों में बाढ़ आ जाने के कारण अनेक किसानों की फसले लगी हुई जमीनों की मिट्टी बह गयी. इस तरह इस नैसर्गिक संकट के कारण जिले के 1 लाख 96 हजार 682 किसानों की खेती और फसलों का नुकसान हुआ था. इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा इन किसानों को नुकसान भरपाई देने के लिए 115 करोड़ 35 लाख 34 हजार 126 रू. का प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा सरकार के पास भेजा गया था.

    यह प्रस्ताव 10 अगस्त को भेजा गया था. अब करीब करीब एक माह पूरा होता आ रहा है लेकिन किसानों को अब तक सरकार द्वारा नुकसान भरपाई की राशि प्राप्त नहीं हुई है. किसान काफी खराब स्थिति में हैं. लेकिन सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है. शायद इसी कारण से अब तक किसानों को नुकसान भरपाई प्रदान नहीं की गयी है. किसानों का ध्यान बराबर इस ओर लगा हुआ है कि कब उन्हें मदद प्रदान की जाती है. 

    सितंबर की नुकसान भरपाई कब मिलेगी

    आश्चर्य तो इस बात का है कि अब तक एक ओर किसानों को जुलाई माह की नुकसान भरपाई नहीं दी गयी है. उस पर 6 से 9 सितंबर के बीच हुई अत्यधिक बारिश के कारण किसानों का काफी नुकसान हुआ है. अकोला जिले की 5 तहसीलों में 10,542 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का नुकसान हुआ है.

    इसका अहवाल बनाकर जिला प्रशासन द्वारा विभागीय आयुक्त के पास भेजा गया है. इस अत्यधिक बारिश के कारण मुर्तिजापुर तहसील के साथ साथ जिले के 9 राजस्व मंडलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गयी है. अत्यधिक बारिश के कारण नदी, नालों में आई बाढ़ से भी काफी हानि हुई है. अकोला तहसील में 3272 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का नुकसान हुआ है.

    इसी तरह अकोट में 2647, तेल्हारा में 3400, बालापुर में 820, मुर्तिजापुर में 443 इस तरह जिले में 10,542 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को हानि हुई है. जिले के किसानों का अत्यधिक बारिश के कारण जो नुकसान हुआ है उसका अहवाल जिला प्रशासन द्वारा विभागीय आयुक्त को भेजा गया है. जिले में सोयाबीन, कपास, मूंग, उड़द, तुअर आदि खरीफ फसलों के साथ साथ सब्जियों तथा फलों की फसलों की काफी हानि हुई है.

    इसी तरह जिले के अनेक गांवों में किसानों के घरों का भी काफी नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि अब तक किसानों को जुलाई माह की नुकसान भरपाई नहीं मिली है तो सितंबर माह की नुकसान भरपाई कब मिलेगी क्योंकि अब सितंबर माह में भी काफी नुकसान हुआ है. 

    सरकार तुरंत नुकसान भरपाई दे-धनंजय मिश्रा

    इस बारे में शेतकरी संगठन के विदर्भ के अध्यक्ष धनंजय मिश्रा से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि एक तो सरकार द्वारा नुकसानग्रस्त खेतों के सर्वे बराबर नहीं किए गए हैं उस पर अब तक जुलाई की नुकसान भरपाई किसानों को नहीं दी गयी है. अब सितंबर माह में भी किसानों का नुकसान हुआ है. राज्य सरकार का काम है कि जुलाई से लेकर सितंबर तक के नुकसान की भरपाई तुरंत किसानों को प्रदान करें अन्यथा शीघ्र ही आंदोलन की रुपरेखा तय की जाएगी. सरकार किसानों की तकलीफ समझने को तैयार नहीं है.