काटेपूर्णा, नरनाला सहित- अन्य पर्यटन स्थालों का विकास जरूरी

अकोला. अकोला यह पर्यटन के लिए आदर्श स्थान है. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विविध प्रकार के पर्यटन स्थल यहां उपलब्ध किए जा सकते हैं. ऐसे कई स्थान हैं जिन्हें विकसित किया जा सकता है लेकिन उन्हें आज तक किसी व्यावसायिक दृष्टिकोण से नहीं देखा गया है. जिले में काटेपूर्णा अभयारण्य के साथ-साथ, नरनाला किले को भी पर्यटकों की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा के संदर्भ में विचार करने की आवश्यकता है. हाल ही में राज्य सरकार ने कंटेन्मेंट जोन के बाहर वॉटर स्पोर्टस, पार्क, पर्यटन स्थल, इनडोअर मनोरंजन कार्यक्रमों को अनुमति दी है.

इस संदर्भ में राजस्व और वन मंत्रालय और प्रबंधन, राहत और पुनर्वास मंत्रालय द्वारा इस संदर्भ में एक पत्रक भी जारी किया है. जिले में भी इस तरह के पर्यटन स्थल हैं. लेकिन इन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. अकोला की कई प्राचीन धरोहर स्थल, जलवायु, कृषि, वन प्रकृति और पूर्वजों की देन हैं. हालांकि, तथ्य यह है कि जिला प्रशासन इसे संरक्षित करने में उतना सक्षम नहीं हो पाया है, जितना इसे होना चाहिए. जिले में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार है.

इसके लिए पालकमंत्री और जिलाधिकारी को पहल करनी चाहिए. दुर्भाग्य से कार्य योजना तैयार करने से परे बहुत प्रयास नहीं किए गए हैं. पालकमंत्री बच्चू कडू ने फरवरी माह में नरनाला किले को भेंट देकर ग्राम पर्यटन की संकल्पना रखी है. लेकिन कोरोना के कारण यह पूरी नहीं हो पायी है. जिले में नरनाला किला, राजराजेश्वर मंदिर, असदगड़ किला, पातुर की प्राचीन गुफाएं, बालापुर का किला आज भी ऐतिहासिक प्रमाण दे रहे हैं. वैसे तो अकोला समृद्ध जिला है.

जिला चारों तरफ प्रकृति की विविधता से समृद्ध है. लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण जिले में पर्यटन स्थल अव्यवस्थित हैं. इससे पहले भी पर्यटन पर खर्च होता था. लेकिन सवाल यह है कि सरकार को इससे कितना राजस्व मिला? जिले के पर्यटन स्थलों में आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देने के साथ-साथ, पर्यटकों का मनोरंजन करने और उनके लिए सुरक्षा की भावना पैदा करने की आवश्यकता है. यदि पर्यटन के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जाता है, तो यह निश्चित रूप से राज्य के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में से एक बन सकता है.

अनेकों को रोजगार के अवसर

पर्यटन स्थलों का विकास करने पर अधिक से अधिक पर्यटन इन स्थानों को भेंट दे सकते हैं. जिसके माध्यम से उद्योग, व्यवसाय को गति मिलेगी ओर युवकों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे. 

यह भी बन सकते हैं  अच्छे पर्यटन स्थल

रुद्रायणी, वाघागड़, ढगा देवी, बाला देवी, महान आदि के साथ साथ अकोला जिले के समीप स्थित अमरावती जिले के खटकाली, बेलकुंड, धारगड़, वान रोड का भी पर्यटन स्थल के रूप में विकास करने की आवश्यकता है. 

काटेपूर्णा अभयारण्य

काटेपूर्णा अभयारण्य काटेपूर्णा जलाशय के जलग्रहण क्षेत्र में स्थित है. यह जलाशय मुख्य रूप से पक्षियों को आकर्षित करता है. यहां 115 प्रजातियों के पौधों के साथ एक दक्षिणी गर्म और शुष्क पर्णपाती वन हैं. प्रमुख वृक्ष प्रजातियों में बेहड़ा, धावडा, मोह, तेन्दूपत्ता, खैर, सलाई, ओला, तेउदे आदि बड़ी संख्या में मिलती हैं. अभयारण्य चौसिंगी मृग और बार्किंग हिरणों के लिए प्रसिद्ध है और अन्य जानवरों में काले हिरण, भेड़िया, तेंदुआ, लकड़बग्घा, जंगली सूअर, नीलगाय, खरगोश, जंगली बिल्ली, बंदर, आम पक्षी और कई प्रजातियां शामिल हैं. मोर और लैंडर आमतौर पर पर्यटकों द्वारा देखे जाते हैं. कटेपुर्ना जल भंडार प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है.

काटेपूर्णा बांध के पास महान को 10 साल पहले एक पर्यटन स्थल घोषित किया गया था. इस स्थान पर स्विमिंग टैंक, सूट, होटल आदि सुविधाएं उपलब्ध थी. लेकिन राजकीय इच्छाशक्ति के अभाव में यह पर्यटन स्थल विकसित नहीं किया जा सका. इसी परिसर में वाघगढ़ भी एक धार्मिक स्थान है. पालकमंत्री बच्चू कडू ने इस ओर ध्यान देकर पर्यटन स्थलों को विकसित करने की मांग की जा रही है. इसके अलावा खटकाली और धारगढ़, बेलकुंड जो अकोला जिले के समीप हैं लेकिन अमरावती जिले में भी दर्शनीय स्थान हैं.

1891 में निर्मित अंग्रेजकालीन गेस्टहाउस भी यहां है. इसी तरह वान रोड़ भी समीप ही है. वर्तमान में पर्यटकों को टाइगर प्रोजेक्ट के नाम से प्रतिबंधित किया गया है. जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर इन चार माह में यहां दर्शनीय वातावरण रहता है. यदि सरकार बाघ परियोजना की ओर जाने वाली सड़क को बंद कर देती है और दूसरी वैकल्पिक सड़क उपलब्ध कराती है तो इन पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा सकता है.

निवासी उप जिलाधिकारी प्रा.संजय खड़से ने बताया कि हम निश्चित रूप से निकट भविष्य में जिले में पर्यटक स्थलों को विकसित करने का प्रयास करेंगे. पालकमंत्री ने भी इस संबंध में सुझाव दिए हैं. उसी के अनुसार योजना चल रही है.