Corona Death
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  • सन 2020 में बिछड़ गए अनेक लोग
  • कोरोना वायरस के कारण अब तक 322 मौतें
  • अभी भी नहीं आई कोरोना प्रतिबंधक वैक्सीन
  • पहली बार देखा लोगों ने इस तरह का लॉकडाउन
  • कोरोना वायरस को लेकर सूचनाओं का पालन नहीं

अकोला. कोरोना वायरस की दहशत अभी समाप्त नहीं हुई है. सन 2020 जाते जाते कई इस तरह की यादें लोगों को देकर गया है जिसे लोग कभी भूल नहीं पाएंगे. कई माह तक शहर तथा जिला बंद रहा. ऐसा लाकडाउन लोगों ने कभी नहीं देखा. शुरुआती दिनों में तो दवाखाने और मेडिकल छोड़कर सभी कुछ बंद रहा था. 

सन 2020 समाप्त होते होते यहां पर अब तक कोरोना वायरस से 322 लोगों की मौत हो चुकी है. सन 2020 पूरा बीत चुका है लेकिन अभी तक कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं आई है. अभी भी 409 एक्टिव रोगी हैं. 70 प्रश से अधिक रोगी होम क्वारंटाइन में हैं. लेकिन इसके बावजूद जैसे लोगों को इस बात की कोई फिक्र नहीं है. कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा जो सूचनाएं दी गई हैं या दी जा रही हैं, उन पर भी लोगों द्वारा कोई पालन होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है.

बड़ी संख्या में कोरोना के इस तरह के भी रोगी हैं जिनमें कोरोना वायरस के कोई विशेष लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. इस तरह के रोगियों का प्रमाण अधिक है. डाक्टरों के अनुसार यदि किसी को लगातार सर्दी, खांसी, लगातार बुखार का आना, गले की खराश, थकान का होना, मुंह का स्वाद चले जाना, सुगंध और दुर्गंध का आभास न होना इसके साथ साथ सांस लेने में तकलीफ होना यह मुख्य लक्षण माने जा रहे हैं. इस तरह के लक्षण होने पर कोरोना वायरस की जांच करवाना जरूरी है. फिर भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो लगातार सर्दी, खांसी और बुखार होने के बावजूद कोरोना की टेस्टिंग नहीं करवा रहे हैं. ऐसे लोगों का काम है कि वे तुरंत कोरोना वायरस की टेस्टिंग करवाएं. 

दहशत के बावजूद लोग अभी भी सतर्क नहीं

कोरोना वायरस की लगातार दहशत के बावजूद अभी भी लोग सतर्क नहीं हैं. लोगों को यदि कोरोना वायरस से अपनी रक्षा करनी हो तो सरकारी सूचनाओं के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करना बहुत आवश्यक है. लेकिन ठीक तरह से मास्क लगाना, सैनिटाइजर का उपयोग करना, सोशल डिस्टेन्सिंग का नियमित रूप से पालन करना, इसी तरह भीड़ भरे क्षेत्रों में, बाजारों में जाने से बचना चाहिए. लेकिन पिछले कुछ दिनों से शहर में देखा जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो नियमित रूप से मास्क का उपयोग नहीं कर रहे हैं. कुछ लोग ठीक तरह से मास्क ही नहीं लगाते हैं.

कुछ लोग चेहरे पर मास्क जरूर लगाते हैं लेकिन उस मास्क से मुंह और नाक ठीक तरह से ढकी हुई नहीं रहती है. कुछ लोग सिर्फ चेहरे पर मास्क लटका कर रखते हैं. इस तरह से मास्क लगाने का कोई उपयोग नहीं है. डाक्टरों का कहना है कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती मास्क लगाने में बिलकुल ढिलाई नहीं होनी चाहिए. लेकिन इस ओर बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान नहीं है. सैनिटाइजर का उपयोग भी सभी लोग नहीं कर रहे हैं. इसी तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी शहर के अनेक क्षेत्रों में दिखाई नहीं दे रहा है.

शहर के बाजारपेठ का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां पर भीड़ न हो. लोग जमा न हो. इस बहुत भीड़ के कारण सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन बिलकुल नहीं हो रहा है. सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन न किए जाने के कारण कोरोना वायरस का प्रसार हो सकता है. इसके प्रसार को रोकने के लिए मास्क लगाना और सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करना बहुत जरूरी है. इसी तरह भीड़ से दूर रहना बहुत जरूरी है.

सरकारी सूचनाओं की ओर लोगों का ध्यान नहीं

सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई तरह की सूचनाएं जारी की गई हैं. नियमित रूप से मोबाइल पर भी कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने और इससे बचने की सूचनाएं दी जाती हैं. इन सूचनाओं का पालन करने के लिए लोगों द्वारा खुद ध्यान दिया जाना जरूरी है. लेकिन लोग इसे अभी भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. सिर्फ सरकार, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग या पुलिस विभाग द्वारा सख्ती करने से कुछ नहीं होगा. सभी लोगों का काम है कि वे खुद इस बारे में विचार करें कि कोरोना वायरस को वे किस तरह टाल सकते हैं.

इसके लिए लोग यदि खुद मास्क का उपयोग करें, भीड़ भरे स्थानों में जाने से बचें. सैनिटाइजर का उपयोग करें, अपने घरों में बड़े बुजुर्गों और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें तभी कुछ हो सकेगा. बड़ी संख्या में लोग दुपहिया और चौपहिया वाहन चलाते समय मास्क का उपयोग नहीं करते हैं. इस ओर भी लोगों को खुद ध्यान देना पड़ेगा. यदि आप खुद अपनी और अपने परिवार की कोरोना वायरस से रक्षा करना चाहते हैं तो आपका काम है कि आप सभी सूचनाओं का खुद होकर पालन करें तभी कोरोना वायरस का प्रसार रोका जा सकेगा. 

सतर्क रहते हुए सूचनाओं का पालन करना चाहिए -सिविल सर्जन डा.राजकुमार चौहान

इस बारे में सिविल सर्जन डा.राजकुमार चौहान से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस चेक करने के लिए टेस्टिंग किट भरपूर उपलब्ध है. इसी तरह कोरोना वायरस रोगियों के लिए संसाधनों के साथ साथ दवाओं की भी कोई कमी नहीं है. इसके लिए सर्वोपचार अस्पताल पूरी तरह तैयार है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस को लेकर बराबर ध्यान दिया जा रहा है.

सर्वोपचार अस्पताल में रोगियों के लिए बेड भी भरपूर संख्या में हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी तैयारी है लेकिन लोगों द्वारा भी सतर्क रहते हुए कोरोना वायरस को लेकर सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सभी सूचनाओं का गंभीरता से पालन करना चाहिए और कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए.