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    • 1 अक्टूबर से अमल 

    अकोला. पिछले डेढ़ साल से पूरे देश में फैली कोरोना महामारी के नियंत्रण में आने से राज्य सरकार ने मुफ्त शिव भोजन की थाली बांटने का अपना फैसला वापस ले लिया है. अब 1 अक्टूबर से, आपको एक प्लेट के लिए 10 रुपये देने होंगे. महाविकास अघाड़ी सरकार ने कोरोना की चेन तोड़ने के लिए पाबंदियां लगाते हुए 15 अप्रैल से गरीबों को रोटी के रूप में मुफ्त शिवभोजन थाली देने का फैसला किया था ताकि गरीबों को भूखा न रहना पड़े.

    राज्य सरकार ने पिछले साल शिव भोजन योजना के तहत जरूरतमंदों को 10 रु. में भोजन उपलब्ध कराने का फैसला किया था. यह योजना प्रायोगिक आधार पर जिला मुख्यालय पर लागू की गई थी. उसके तहत अकोला मनपा क्षेत्र में दो स्थानों पर शिवभोजन थाली केंद्र शुरू किए गए. इसके बाद, ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करने के लिए योजना का विस्तार किया गया. प्रारंभ में जिले के लिए 300 प्लेट उपलब्ध कराई गई थी. लेकिन इसके बाद योजना को बेहतर प्रतिसाद मिलने के कारण प्लेटों की संख्या दोगुनी कर दी गई थी.

    पांच माह तक मुफ्त बांटी गयी थाली

    करीब साढ़े पांच माह तक गरीबों को मुफ्त शिवभोजन की थाली दी गई. लेकिन अब पिछले कुछ दिनों में कोरोना की लहर थम गई है. चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंधों में ढील भी दी जा रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 30 सितंबर के बाद मुफ्त शिव भोजन थाली बांटने का अपना फैसला वापस ले लिया है.

    इसलिए, 1 अक्टूबर से जिले के 28 शिवभोजन केंद्रों से शिव भोजन के लिए नागरिकों को 10 रुपये का भुगतान करना होगा. यह शिवभोजन थाली बनाने में करीब 50 रुपये का खर्च आता है. इस योजना को लागू करने वाली संस्था को सरकार 40 रुपये का अनुदान देती है. वही अनुदान 45 रुपये था जब थाली पांच रुपये थी. चूंकि बाद के दौर में प्लेट फ्री हो गई, इसलिए सरकार ने संगठन को सौ फीसदी सब्सिडी दी.