Jamb River
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    • प्राकृतिक बहाव से फसल को नुकसान 

    अकोट. लगातार बारिश किसानों की कसौटी ले रही है. हर बार किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है. पिछले चार दिन से लगातार हो रही बारिश से नदी नाले को बाढ़ आ रही है. किसानों को डर लग रहा है कि इस लगातार बारिश से फसल के लिए लगाया गया खर्चा भी निकलना मुश्किल है.

    तहसील में में पिछले चार दिनों से भारी बारिश हो रही है. पहले से नगद फसल कहलाने वाली उड़द की फसल का सपना अज्ञात बीमारियों के चक्र में चकनाचूर हो गया. उसके बाद किसानों की आशा सोयाबीन फसल पर थी लेकिन जल्दी आनेवाली सोयाबीन की फसल बारिश के घेरे में आ गई है. कुछ सोयाबीन फसल अभी फूल पर है. लेकिन बारिश की वजह से वो भी हाथ से जाने की परिस्थिति निर्माण   

    हो गई है. सोमवार, मंगलवार और बुधवार को हुई भारी बारिश से किसान दहशत में हैं. सरकार ने तीन दिन की अतिवृष्टि रिपोर्ट तैयार करके किसानों को आर्थिक मदद देने की मांग सामने आयी है. प्राकृतिक जलधारा के बाढ़ के पानी ने आसपास के किसानों को भी प्रभावित किया है. क्योंकि बड़ी संख्या में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं. बारिश रुकने का कोई संकेत नहीं है. इसलिए बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बारिश को ना कहने का समय आ गया है.

    सब्जी उगाने वाले किसान की हालत तो बहुत बुरी हो गई है. सब्जि अड़त दूकानदार गजानन सावरकर ने बताया कि बुधवार को शहर के बाजार बिक्री के लिए आयी सब्जी की फसल का दाम कम होने के कारण किसानों को सब्जी फेंकनी पड़ी. लघु व्यवसायिक तथा बेपारी बाजार में सब्जी खरीदने आये नहीं तो किसान को सब्जी फेंकनी पड़ी. लगातार हो रही बारिश थम नहीं रही है. ऐसे में जिन मजदूरों के पास गुजारा के साधन नहीं हैं. उनके लिए भुखमरी का समय हो गया है.

    लगातार बारिश से खेतों में पानी रुकने से कृषि को भारी नुकसान हुआ है. मूंग, उड़द की फसल तो हाथ से गई है. सोयाबीन की फसल भी हाथ से जाने की संभावना है. खेत में पानी रुकने से कपास की फसल भी खतरे में है. सरकार ने नुकसान का पंचनामा करके किसानों को आर्थिक मदद देकर दिलासा देने की आवश्यक है. – सचिन पागृत, किसान अकोट