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    • पहुंचने में देरी के कारण कुछ 
    • उम्मीदवार प्रवेश से वंचित 

    अकोला. महाराष्ट्र राज्य परीक्षा बोर्ड पुणे द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) रविवार को अकोला शहर के 38 केंद्रों पर आयोजित की गई. एसटी महामंडल की बस सेवा बंद होने और कोई निजी वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई उम्मीदवार केंद्र तक नहीं पहुंच सके. इसलिए, भविष्य में शिक्षक बनने जा रहे परीक्षार्थी पहला पेपर नहीं दे सके क्योंकि उम्मीदवारों को केंद्र में प्रवेश से वंचित कर दिया गया था जो 10.30 के बाद आये थे. जिससे इसका खामियाजा इन परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ा है.

    उल्लेखनीय है कि निजी वाहन में यात्रा करने से परीक्षार्थियों की जेब भी ढीली हो गयी है. 21 नवंबर को पेपर नंबर 1 (पहली से 5वीं) के लिए 6,122 और पेपर नंबर 2 (6वीं से 10वीं) के लिए 4,654 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. उम्मीद की जा रही थी कि परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाएगी क्योंकि शिक्षा विभाग ने एक सप्ताह पहले परीक्षा की योजना बनाई थी. लेकिन एसटी महामंडल की हड़ताल ने भविष्य के कई शिक्षकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

    टीईटी की परीक्षा कोरोना के कारण स्थगित कर दी गई थी. लेकिन प्रतिबंधों में ढील के बाद परीक्षा की तारीख घोषित की गयी. तभी से परीक्षा की तैयारी भी शुरू हो गई. इस बीच एसटी महामंडल की हड़ताल शुरू हो गयी. इस हड़ताल के कारण बसे बंद रहने से कुछ परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाए.

    जिससे परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा स्थगित करने की मांग की जाने लगी. लेकिन, सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया. चूंकि टीईटी परीक्षा जिला स्तर पर है, इसलिए जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अकोला जिले के पड़ोसी जिलों के उम्मीदवारों ने अकोला केंद्र लिया था. इनमें से कई परीक्षार्थी आज पेपर के लिए समय पर नहीं पहुंच पाए. अब इन छात्रों को कम से कम एक साल इंतजार करना होगा.

    अकोला में 9,442 परीक्षार्थी परीक्षा में हुए शामिल

    अकोला के विभिन्न केंद्रों पर पहले और दूसरे पेपर के लिए कुल 9,442 छात्र उपस्थित रहे. जिसमें पेपर 1 में 6,094 उम्मीदवारों में से 5,354 उपस्थित थे और 740 अनुपस्थित थे. इसी तरह पेपर 2 में 4,634 परीक्षार्थियों में से 4,088 उपस्थित थे और 546 अनुपस्थित थे. परीक्षा केंद्रों पर तगड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया गया था. शिक्षणाधिकारी (प्राथमिक) डा. वैशाली ठग, उप शिक्षणाधिकारी दिलीप तायड़े, विस्तार शिक्षा अधिकारी डा. अब्दुल अलीम देशमुख, शाजिया नौशिन ने परीक्षा को सुचारू बनाने के लिए प्रयास किए.