एक माह से अधिक समय होने के बाद भी हल नहीं हो सकी गांधीग्राम के पुल की समस्या, लोगों ने शुरू किया श्रंखलाबद्ध अनशन

    अकोला. आज एक माह से अधिक का समय होते आ रहा है लेकिन गांधीग्राम में स्थित पूर्णा नदी के पुल की समस्या हल नहीं हुई है. करीब एक माह पूर्व गांधीग्राम में स्थित पूर्णा नदी के पुल पर दरार पड़ जाने के कारण इस पुल पर से जिला प्रशासन तथा पुलिस द्वारा आवागमन रोक दिया गया था. तब से अब तक इस पुल पर पुलिस का पहरा है, बैरिकेट लगाए गए हैं और आवागमन पूरी तरह बंद है. इस कारण लोगों को अब काफी तकलीफ हो रही है.

    गांधीग्राम से लगकर पूर्णा नदी पर गोपालखेड़ में एक नये पुल का निर्माण किया गया है. पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. लेकिन पुल तक पहुंचने का जो रास्ता है वह अभी तक बनाया नहीं गया है. इस कारण कच्चे रास्ते से लोग दुपहिया वाहनों से पुल तक पहुंच रहे हैं. चौपहिया वाहन वालों की हालत खराब है. यहां भी तकनीकी कारणों से इस नये पुल तक रास्ता नहीं बनाया जा सका है. क्यों कि कुछ जमीन का अधिग्रहण भी बाकी है.

    इस तरह अकोला से अकोट जानेवाले लोगों को और अकोट से अकोला आनेवाले लोगों को तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है. बहुत से लोग अकोला से दर्यापुर होते हुए अकोट जा रहे हैं. लोगों को नियमित रूप से आवागमन की तकलीफ हो रही है लेकिन अभी तक एक माह से अधिक का समय हो जाने के बावजूद पूर्णा नदी के पुल की समस्या हल नहीं हुई है. 

    लोगों ने शुरू किया अनशन

    पिछले कुछ दिनों से गांधीग्राम में लोगों ने श्रंखलाबद्ध अनशन शुरू किया है. इन लोगों की मांग है कि या तो पूर्णा पर बनाया गया जो पुराना पुल है जिसमें दरार पड़ गयी है या तो उसे नियमानुसार दुरूस्त कर के पुल पर से आना जाना शुरू किया जाए, या गोपालखेड़ में पूर्णा नदी पर जो नया पुल बनाया गया है उस तक पहुंचने का जो रास्ता है, उसका डामरीकरण किया जाए. जिससे लोग अकोट की तरफ आ जा सकें. लोगों की मांग सिर्फ इतनी है कि पूर्णा नदी के पुल पर से जो रास्ता बंद हो गया है वो शुरू होना चाहिए.

    लोगों का कहना है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है और इस मार्ग पर आने जानेवालों को असुविधा और तकलीफ हो रही है. लोगों द्वारा शुरू किए गए अनशन मंडप को अनेक मान्यवरों ने भेंट दी और अपना समर्थन दिया जिसमें पूर्व राज्य मंत्री गुलाबराव गावंडे, शिवसेना के जिला प्रमुख गोपाल दातकर, विधायक डा.रणजीत पाटिल, एड.संतोष रहाटे के साथ साथ अनेक नेताओं ने अनशन मंडप को भेंट दी. इस अवसर पर बड़ी संख्या में गांव के लोग उपस्थित थे.