कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह समाप्त नहीं, संभाग में डेंगू के समान बीमारी से लोग आतंकित

    अकोला. शहर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर समाप्ति की ओर है लेकिन अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है. इसी तरह अब डेंगू के समान बीमारी फैलने से शहर में लोग आतंकित देखे जा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी डेंगू समान बुखार के रोगी पाए जा रहे हैं. अभी तक लोग कोरोना वायरस से आतंकित थे. अब डेंगू और मलेरिया से आतंकित दिखाई दे रहे हैं.

    शहर के अनेक क्षेत्रों में इस तरह के रोगी बड़ी संख्या में हैं. छोटे बच्चों के साथ साथ बड़ी उम्र के रोगी भी इसमें शामिल हैं. इसी के साथ साथ सर्दी, खांसी के रोगी भी काफी बड़ी संख्या में हैं. सरकारी अस्पतालों के साथ साथ निजी अस्पतालों में भी इस तरह के रोगी उपचार के लिए आ रहे हैं.

    पिछले करीब एक माह में स्वास्थ्य विभाग के अकोला मंडल में अकोला, अमरावती, बुलढाना, यवतमाल, वाशिम इन पांच जिलों में एलायज डेंगू के 173 रोगी तथा मलेरिया 37, चिकन गुनिया 9, पीएफ 5 इस तरह 42 रोगी जुलाई माह में दर्ज किए गए हैं. मंडल में अमरावती में चिकन गुनिया के 4, यवतमाल में 3 तथा अकोला और वाशिम में एक एक रोगी पाया गया है.

    एलायजा डेंगू के सर्वाधिक 83 यवतमाल जिले में पाए गए हैं. अमरावती में 69 तथा अकोला में एक रोगी की जानकारी मिली है. डेंगू के सर्वाधिक रोगी यवतमाल में ही हैं. अमरावती जिले में भी डेंगू के काफी रोगी हैं. इस तरह अमरावती संभाग में डेंगू समान बीमारी के रोगी पाए जा रहे हैं.

    अकोला में मनपा द्वारा अभी तक साफ सफाई हेतु कोई विशेष कदम नहीं उठाए गए हैं. ना ही किसी भी क्षेत्र में डीडीटी पाउडर या अन्य कोई रोग प्रतिबंधक छिड़काव किया जा रहा है. अनेक क्षेत्रों में अभी भी गंदगी देखी जा सकती है. अत्यधिक बारिश होने के कारण शहर के अनेक क्षेत्रों में अभी भी पानी के डबके भरे हुए हैं.

    जिसके कारण मच्छरों की संख्या बढ़ती जा रही है और मच्छरों के कारण डेंगू के साथ साथ मलेरिया भी फैल सकता है. इसी प्रकार की परिस्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की भी है. वहां भी किसी भी प्रकार का कोई मच्छर प्रतिबंधक छिड़काव नहीं किया जा रहा है. 

    सप्ताह में एक दिन पानी भरकर न रखें- डा.राजकुमार चौहान

    इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डा.राजकुमार चौहान से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि डेंगू के मच्छर गंदे पानी में नहीं बल्कि साफ पानी में पैदा होते हैं. जो लोग घरों के अंदर पानी का संचय कर के बाल्टियों, घड़ों में भरकर रखते हैं डेंगू के मच्छर इसी प्रकार के साफ पानी में पैदा होते हैं. इसलिए लोगों का काम है कि सप्ताह में कम से कम एक दिन ड्राई डे रखें.

    डा.चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अकोला मंडल में आनेवाले अकोला के साथ साथ अमरावती, बुलढाना, यवतमाल, वाशिम जिलों में मलेरिया तथा डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है. इसी तरह सभी प्रकार की दवाओं का भी भरपूर स्टाक है.