ST Strike

    अमरावती. एसटी कर्मचारियों का राज्य सरकार में विलय की प्रमुख मांग को लेकर विगत 48 दिनों से हड़ताल जारी हैं. राज्य सरकार के वेतन वृद्धि के फैसले के बाद भी कर्मचारी हड़ताल पर डटे हैं, ऐसे में कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है. राज्य परिवहन नियंत्रक कार्यालय ने 55 कर्मचारियों को बर्खास्त कारण बताओ नोटिस भेजा था. लेकिन, आठ दिनों बाद भी, कर्मचारियों से कोई जवाब नहीं मिलने से 21 कर्मचारियों को बर्खास्त करने की जानकारी विभागीय नियंत्रक श्रीकांत गभने ने दी है. 

    रोजाना एक दो कर्मी ज्वाइन

    राज्य भर में एसटी कर्मियों की हड़ताल के कारण बड़ी संख्या में आम परिवारों के यात्रियों को परेशानी हो रही है. विलय पर अड़े रहने के कारण राज्य सरकार ने आखिरकार हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. इसके चलते कुछ कर्मचारी हड़ताल से हटकर काम पर लौट रहे हैं. 21 दिसंबर तक जिले में 360 कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए थे.

    इसके बाद भी एक – दो कर्मचारी प्रतिदिन काम पर लौट रहे हैं. पिछले आठ दिन में 25 कर्मचारी काम पर लौटे हैं. लेकिन अन्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं. इसलिए जिले में एसटी बसों का आवागमन अभी भी सुचारू नहीं है.

    आठ दिनों बाद कार्रवाई

    जिले के कर्मचारी पिछले डेढ़ माह से हड़ताल पर हैं. इसके चलते यात्रियों का आवागमन ठप हो गया है. हड़ताल पर गए 55 कर्मचारियों को बर्खास्त करने कारण बताओ नोटिस दिया गया. लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं आया. जिसके चलते 21 कर्मचारियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है. उसी प्रकार हर दिन एक या दो कर्मचारी हडताल छोडकर काम पर लौट रहे हैं. 21 दिसंबर से अब तक 25 कर्मचारी ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं.- श्रीकांत गभणे, विभागीय नियंत्रक, राज्य परिवहन निगम