सीईटी रद्दः कहीं खुशी कहीं गम, 1.31 लाख छात्रों को मिली राहत

    अमरावती. कक्षा 10वीं का नतीजा घोषित होते ही 11वीं में एडमिशन को लेकर छात्र तथा अभिभावकों में संभ्रम कायम है. अभी तक सीईटी परीक्षा अनिवार्य होने के चलते लाखों छात्रों ने पंजीयन किया, तो कई छात्रों ने ट्यूशन लगाकर पढ़ाई करना शुरू कर दिया, लेकिन अब शिक्षा मंत्री द्वारा हाईकोर्ट के नतीजे को लेकर सीईटी रद्द करने का निर्णय लिया है. जिसके चलते छात्रों में कहीं खुशी कहीं गम का माहौल है. संभाग से लगभग 1 लाख 31 हजार 166 छात्र उत्तीर्ण हुए थे. लगभग सभी छात्रों को सीईटी देना अनिवार्य था लेकिन आप सिटी की परीक्षा ही रद्द कर दी गई है.

    33 हजार छात्रों को राहत

    अमरावती जिले की बात करें तो क्या 30206 40 छात्रों ने पंजीयन किया था लगभग सभी छात्रों ने परीक्षा दी जिसमें से 33010 छात्र उत्तीर्ण हुए थे इन छात्रों को अब सीटी परीक्षा देना अनिवार्य नहीं रहेगा. इसके पुरवा सीटी देना अनिवार्य रहने से छात्रों ने पढ़ाई करना शुरू कर दिया था. कुछ छात्रों ने तो हजारों रुपए भरकर ट्यूशन क्लासेस भी लगाए, लेकिन अब फिर एक बार राज्य सरकार द्वारा निर्णय में बदलाव किए जा रहे थे. छात्र और अभिभावक एडमिशन को लेकर तथा प्रवेश परीक्षा को लेकर भ्रमित है.

    अब नहीं होगी सीईटी

    सीटीईटी परीक्षा नहीं होने से छात्रों के गुणों के आधार पर ही एडमिशन ली जाएगी. 16 अगस्त से पंजीयन शुरू होगा. छात्रों को ए फॉर्म भरकर छात्रों को चॉइस ऑफ सेंटर के अनुसार आवेदन भरने होंगे. पहले सीईटी नहीं देने वाले छात्रों को सबसे अंत में एडमिशन की सुविधा थी, लेकिन आप सभी छात्रों के लिए समान एडमिशन होगी.-विजय भांगडिया, प्राचार्य केएल कालेज