शहीद को सानुग्रह का चेक देने में देरी, फडणवीस का ठाकरे सरकार पर निशाना

अमरावती. विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने महाविकास आघाड़ी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि शहीद फौजी कैलाश कालूजी दहीकर (27) के परिवार को अभी तक राज्य सरकार से 1 करोड़ रुपए का सानुग्रह चेक नहीं मिला है. जबकि मेरे मुख्यमंत्रीत्व काल में यह शहीद के परिवार को 48 घंटे के भीतर शासन की मदद राशि का चेक मिलने का कड़ा नियम बनाया था. लेकिन राज्य सरकार आंदोलन में व्यस्त है और जो लोग सरकार के बाहर है, वे शहीदों की मदद के लिए आगे आ रहे है. 

48 घंटों में मदद का नियम तोड़ा 

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू मनाली में ड्यूटी के दौरान शहीद फौजी कैलाश कालूजी दहीकर की विधवा बबली समेत तीन शहीद परिवार को सांसद नवनीत राणा द्वारा तीन माह का वेतन मदद प्रदान करने गुरुवार को सरकारी विश्रामगृह में हुए समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि 2014 में जब मैं मुख्यमंत्री बना तो शहीदों के परिवार को दी जाने वाली 5 लाख रुपए की मदद पहले 25 लाख रुपए की. बाद में 1 करोड़ रुपए कर दी. शहीद के परिवार को शहादत के 48 घंटों के भीतर यह सहायता राशि का चेक मिले. इसके लिए कड़ा नियम तक बनाया, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार शहीदों के लिये भी नियमों का पालन नहीं कर रही है. 

सांसद राणा ने 6 माह का वेतन दिया

अपने वेतन में से शहीद की विधवा को मदद करना अत्यंत सराहनीय पहल है. सांसद नवनीत का यह प्रशंसनीय संकल्पना है. उनकी इस भावना से कई लोग प्रेरित होंगे. एसा मुझे पूर्ण विश्वास है. समाज की यह जिम्मेदारी है कि प्रत्येक शहीद के परिवार को आधार दे. क्योंकि देश की सीमा को सुरक्षित रखे जाने के कारण ही हम सभी लोग अपने परिजनों के साथ सुरक्षित रह सकते है. फौजी कैलाश दहीकर को सांसद राणा ने अपने 6 माह का वेतन देने की घोषणा की है. साथ ही आत्महत्याग्रस्त किसान अशोकराव भुयार की विधवा कल्पना, वैभव समरीत की मां निलीमा तथा नुकसानग्रस्त किसान रवींद्र विरुलकर को आर्थिक मदद राशि का चेक फडणवीस के हाथों प्रदान किया गया.

इसी तरह मोझरी में निर्धन बुजुर्ग महिला को टूटी-फूटी झोपड़ी की जगह अपने स्वखर्च से घरकुल बनाकर देने का वादा निभाते हुए सांसद राणा ने मदद का चेक सौंपा. कार्यक्रम में तत्कालीन कृषि मंत्री डा. अनिल बोंडे, विधायक रवि राणा,पूर्व विधायक डा. सुनील देशमुख, भाजपा जिला अध्यक्ष निवेदिता चौधरी, शहर अध्यक्ष किरण पातुरकर, स्वाभिमानी शहर अध्यक्ष संजय हिंगासपुरे, शैलेंद्र कस्तुरे, सुमति ढोके, ज्योति सैरीसे, सपना ठाकुर, आशीष गावंडे, नितिन बोरेकर, जयंत वानखड़े समेत शहीदों के परिजन व युवा स्वाभिमान के पदाधिकारी व प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन मिलिंद काहाले ने किया.