dengue

    धारणी. मेलघाट में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी कुपोषण की गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है. इसके अलावा मंत्री, वरिष्ठ राजनीतिक नेता और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मेलघाट का दौरा कर आल इज वेल बताकर लौट जाते है. लेकिन मेलघाट की स्थिति आज भी वैसी ही है.

    कोरोना जैसी महामारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था के सशक्तिकरण के लिए एक बेहतरीन मिसाल कायम की है. फिर भी मेलघाट में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई है. मेलघाट के आदिवासी डेंगू, मलेरिया जैसी विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उनका इलाज जमीन पर किया जा रहा है. यह शोकांतिका मेलघाट में देखने मिल रही है.

    धारणी उपजिला अस्पताल हाउसफुल 

    मेलघाट के ग्रामीण इलाकों में आदिवासी लोग तरह-तरह की बीमारियों से जूझ रहे हैं. डेंगू, डायरिया, मलेरिया और वायरल संक्रमण के रोगियों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. ऐसे में धारणी के उप-जिला अस्पताल में आदिवासी नागरिकों का जमीन पर बेड बिछाकर इलाज किया जा रहा है. बिस्तर उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी जमीन पर स्वास्थ्य सेवा लेनी पड़ रही है. उल्लेखनीय है कि जमीन पर रखे गद्दे भी जर्जर अवस्था में हैं.

    मेलघाट की सेहत खतरे में

    स्थानीय प्रशासन की गैरजिम्मेदारी आदिवासी लोगों के बिगड़ते स्वास्थ्य का कारण बनती दिख रही है. धारणी के विभिन्न गांवों में गंदगी का साम्राज्य फैल चुका है. डेंगू बुखार के मामले बढ़ गए हैं. मलेरिया और अन्य कीटनाशक लोगों में गंभीर बीमारियां फैला रहे हैं. इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि धारणी ग्रामीण क्षेत्र से पूरे मेलघाट की सेहत को खतरे में है.

    मैनपावर की कमी

    तहसील के अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा अधिकारियों की कमी से ग्रामीणों के लिए उचित स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करना मुश्किल हो गया है. संपूर्ण तहसील की जिम्मेदारी संभाल रहे उप-जिला अस्पताल में गिने चुने वैद्यकिय अधिकारी होने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है. 

    क्षमता से अधिक मरीज 

    धारणी उप-जिला अस्पताल में 50 बेड उपलब्ध हैं. जबकि मरीजों की संख्या अधिक है. इसी तरह धारणी उप जिला अस्पताल में वैद्यकिय अधिकारियों की संख्या भी कम होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं देना मुश्किल हो रहा है. अस्थाई वैद्यकिय अधिकारी व बेड की व्यवस्था को लेकर जिला शल्यचिकित्सक से चर्चा की जाएगी.- रेखा गजरलवार, वैद्यकिय अधीक्षक, धारणी उपजिला अस्पताल

    प्रशासन से चर्चा करेंगे

    पूरे मेलघाट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, धारणी उप जिला अस्पताल, चुरनी अस्पताल और चिखलदरा उप जिला अस्पताल में वैद्यकिय अधिकारियों की कमी है. इसके चलते स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर चर्चा के लिए मैं राज्य मंत्री बच्चू कडू, जिला कलेक्टर और जिला सर्जन के साथ बैठक करूंगा. मेलघाट को अस्थायी तौर पर तीन से चार वैद्यकिय अधिकारी उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी. – राजकुमार पटेल, विधायक, मेलघाट