yashomati thakur
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    अमरावती. शहर में 12 नवंबर को हुई घटना तो निंदनीय है. लेकिन 13 नवंबर को हुई घटना उससे ज्यादा निंदनीय है. इन दोनों घटनाओं के दोषियों पर एक जैसी कार्रवाई की जा रही है. दोनों समुदाय के आरोपियों की गिरफ्तारियां शुरू है. इसलिए देवेंद्र फडणवीस अधूरी जानकारी के आधार पर शहर को फिर सुलगाने का प्रयास ना करें. ऐसा पलटवार जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने किया. उन्होंने कहा कि अब शहर शांत है. कोई भी बाहरी नेता शहर में आकर शहर का वातावरण बिगाड़ने का प्रयास ना करें. पुलिस, प्रशासन, गृह मंत्रालय व सरकार अपना काम पूरी जिम्मेदारी से कर रहे है. 

    दोषी अधिकारियों को भी नहीं बख्शेंगे

    पालकमंत्री ठाकुर ने बताया कि, 12 नवंबर के मोर्चे की अनुमति नहीं दी गई थी. इस मोर्चे के इनपुट को लेकर इंटेलीजेंस नाकाम साबित हुआ है. जिसके लिए दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी. उसी प्रकार शहर का वातावरण बिगाड़ने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएंगा. 

    दंगों का फायदा किसको!

    जब-जब सांप्रदायिक दंगे होते है, उसका फायदा किसे होता है. यह सवाल रविवार को देवेंद्र फडणवीस को पुछनें पर उन्होने इसका जवाब देना टाल कर दंगे भड़का कर भाजपा को बदनाम करना कांग्रेस की पुरानी नीति रहने पर कटाक्ष किया.

    फडणविस जाहिर माफी मांगे

    यशोमति ठाकुर ने आगे कहा कि, देवेंद्र फडणविस ने अपने अमरावती दौरे में यह जाहिर मान्य किया कि, 13 नवंबर को जो कुछ हुआ वह गलत हुआ. 13 नवंबर के अमरावती बंद की घोषणा भाजपा ने ही की थी. इसलिए एक शांत शहर को अशांत करने की जिम्मेदारी स्विकारते हुए फडणविस जाहिर माफी मांगे. फडणविस ने अपने दौरे में शांती की अपिल करना अपेक्षित था. लेकिन उन्होंने एक तरफा कार्रवाई का आरोप का राजनिती करने व शहर को फिर अशांत करने का प्रयास किया. 

    रझा अकादमी पर कार्रवाई तय 

    रजा अकादमी के राजनीतिक जुड़ाव किसके साथ हैं, यह सभी जानते हैं. गृह विभाग रजा अकादमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रहा है. राज्य के गृहमंत्री जल्द ही इसकी जानकारी देंगे और इस घटना पर राज्य मंत्रिमंडल में चर्चा की जाएगी. ऐसी जानकारी भी यशोमति ठाकुर ने दी.