दुर्गा विसर्जन केवल छत्री तालाब पर, नहीं रहेंगी प्रभागों में रबर टैंक की व्यवस्था

    अमरावती. आगामी 15 अक्टूबर को विजया दशमी उपरांत इस वर्ष के शारदीय नवरात्रि उत्सव का समापन होगा. विजया दशमी के बाद ही दुर्गा विसर्जन का दौर आरंभ होता है. जिसकी तैयारियां भी प्रशासनिक तौर पर शुरू कर दी गई है. दुर्गा विसर्जन के लिए छत्री तालाब परिसर में ही 3 जगहों पर मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था महानगर पालिका द्वारा कराई जा रही है. केवल छत्री तालाब में ही दुर्गा विसर्जन की अनुमति है.

    गणेश विसर्जन की तरह प्रथमेश, वडाली तालाब क्षेत्र में दुर्गा मूर्ति विसर्जन की अनुमति नहीं है. दुर्गा मूर्तियों का आकार गणेश मूर्तियों से बड़ा रहने से प्रभाग वार रबर टैंक की व्यवस्था भी नहीं रखी जाएंगी. यह खुलासा भी मनपा प्रशासन ने सोमवार को कर दिया. जिससे सभी दुर्गा मूर्तियों को विसर्जन के लिए छत्री तालाब का ही रूख करना बंधनकारक है. 

    सीसीटीवी व चाक-चौबंद सुरक्षा

    मनपा प्रशासन के अनुसार दुर्गा विसर्जन निर्विघ्न रूप से संपन्न कराने के लिए छत्री तालाब दुर्गा विसर्जन स्थलों पर सीसीटीवी के कड़े पहरे के साथ ही क्षेत्र में चाक-चौबंद सुरक्षा रहेंगी. शहर के सभी दुर्गोत्सव मंडलों को संबंधित सूचना दे दी गई है. इस वर्ष भी बगैर किसी शोभायात्रा, धूम-धड़ाके व बिना रैली के दुर्गा विसर्जन निपटाना है. जिसके लिए मनपा प्रशासन समेत पुलिस प्रशासन भी सज्ज है.