एसडीपीओ व थानेदार को हाईकोर्ट का नोटिस, आशा वर्कर से छेड़छाड़ प्रकरण

    अमरावती. चांदूर रेलवे के चिरोड़ी ग्राम पंचायत में कोरोना युद्धा आशा वर्कर के साथ  छेड़छाड़ प्रकरण के आरोपियों को गिरफ्तारी से बचाने के आरोप में मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने चांदूर रेलवे एसडीपीओ व थानेदार को नोटिस जारी करके केस डायरी सहित प्रकरण से संबंधित कागजात लेकर पेश होने की सूचना दी है.

    रिपोर्ट लेने से इंकार

    आशा वर्कर के साथ चिरोडी ग्रामसेवक तुलशीराम जाधव, संदीप अंबादास कुमरे व ब्रह्मकुमार भारत चव्हाण ने विवाद करके छेड़छाड़ करने का आरोप लगाकर 21 मई 2021 को चांदुर रेलवे थाने में रिपोर्ट दी थी, लेकिन चांदूर रेलवे के पुलिस निरीक्षक ने रिपोर्ट लेने से इंकार कर दिया था. जिससे आशा वर्कर ने एसपी के पास शिकायत की.

    वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के बाद भी चांदूर रेलवे के पीआय ने कोई कार्रवाई ना करने से आखिरकार कलेक्टर के निर्देश पर मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी तुलशीराम जाधव को बचाने के लिए पुलिस ने राजनीतिक रंग देकर गिरफ्तार नहीं किया. तीनों को कोर्ट से जमानत ना मिलने के बावजूद भी वह फरारी में घुम रहे है, ऐसी शिकायत आइजी के समक्ष की. 

    हाईकोर्ट से लगाई गुहार

    इस बारे में एसडीपीओ व पुलिस निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने की शिकायत दी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसीलिए आशा वर्कर ने  मुंबई हायकोर्ट के नागपुर खंडपीठ में एड. सपना जाधव के माध्यम से रिट पिटीशन दाखिल किया. एड. सपना जाधव  ने हाईकोट को बताया कि इस प्रकरण में चांदुर रेलवे के तत्कालीन एसडीपीओ व पीआय ने आरोपियों को गिरफ्तार ना करके गैरकानूनी रुप आरोपियों को बचाने के लिए मदद की. नियमानुसार जांच नहीं हो रही है, इसीलिए उनके खिलाफ योग्य कार्रवाई करें.

    उक्त प्रकरण की जांच  अमरावती जिले के किसी भी पुलिस स्टेशन को सौंपकर महिला अधिकारी से जांच कराए.  मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति वी.एम. देशपांडे  व न्यायमूर्ति ए.बी.बोरकर  की अदालत ने  चांदुर रेलवे के एसडीपीओ व पुलिस निरीक्षक के खिलाफ नोटीस जारी करके जांच के कागजात कोर्ट के समक्ष पेश करने की सूचना दी है.