महंगा हो गया मकान निर्माण- लोहा, सीमेंट व रेत के दामों में उछाल

चांदूर रेलवे. कोरोना लाकडाउन और उसके कारण बढ़े प्रतिबंधों के चलते निर्माण सामग्री के दामों में जबरदस्त उछाल आ गया है. साथ ही इंधन के दाम भी बढ़ते जा रहे है. जिससे निर्माण कार्य व्यवसाय में छाई मंदी और गहरा जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं. 

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से असर

हालांकि मुद्रांक शुल्क घटा है. लेकिन निर्माण सामग्री के दाम बढ़ते जा रहे है. इंधन की दरें बढ़ने से परिवहन खर्च भी बढ़ता जा रहा है. निर्माण व्यावसायिक व निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार व कामगारों द्वारा सरकार से इंधन की दरों पर नियंत्रण पाए जाने की मांग की जा रही है. आम तौर पर दिवाली के बाद निर्माण कार्य सामग्री के दाम बढ़ते है.

लेकिन इस बार निर्माण साहित्य के दाम बढ़ने के कई कारण हैं. अतिवृष्टि से ईंटभट्टियां चौपट हो गई. जिसके कारण किल्लत के चलते ईंटों की दरों में जबरदस्त इजाफा हो गया. सीमेंट, स्टील, लोहा के दाम बी बढ़ गए. इसी तरह रेत बी काफी महंगी बिक रही है. 

विदेश से निर्यात बंद का परिणाम 

विदेश से आने वाला कच्चा माल बंद है. जिससे निर्माण साहित्य के दाम बढ़े है. रेत घाट बंद होने से रेत भी महंगी बिक रही है. पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे है. जिससे परिवहन खर्च बढ़ा है. इन सभी बातों का निर्माण साहित्य के दामों पर असर पड़ा है.- विजय जयस्वाल, बालाजी ट्रेडर्स मालखेड़ रेलवे 

निर्माण सामग्री लॉकडाउन के पूर्व दाम लॉकडाउन के बाद दरें

रेत 6000 रु. ब्रास 8000 रु. ब्रास

गिट्टी 2500 रु. ब्रास 3500 रु. ब्रास

ईंट 5 रु नग 7 रु नग

सीमेंट 280 रु बैग 340 रु बैग

लोहा 34 रु किलो 45 से 55 रु किलो