एक तरफा कार्रवाई नहीं रूकी तो जेल भरो, देवेंद्र फडणवीस की घोषणा

    अमरावती. शहर में 12 नवंबर की घटना यदि नहीं होती तो रिएक्शन के तौर पर 13 नवंबर की वारदात भी नहीं होती, लेकिन शहर पुलिस 12 नवंबर की घटना डिलीट कर केवल 13 नवंबर की घटना को टारगेट कर एक तरफा कार्रवाई कर रही है. भाजपा व पार्टी से जुड़े संगठनों के लोगों पर अलग-अलग पुलिस थानों में बार-बार मामले दर्ज किए जा रहे है.

    हम इसका कड़ा निषेध करते है. राजनीतिक दबाव में यदि पुलिस इस तरह एक तरफा कार्रवाई कर रही है तो भाजपा जेल भरो करेंगी. सरकार की यही मंशा है तो सभी पार्टीजन खुद होकर जेल जाएंगे. यह घोषणा राज्य के नेता विपक्ष व पुर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणविस ने रविवार को अपने अमरावती दौरे में की.

    पुलिस ने 12 नवंबर की घटना डिलीट की

    शहर में 12 व 13 नवंबर को हुई हिंसा के बाद स्थिति का जायजा लेने रविवार को शहर दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने घायलों से मुलाकात व प्रशासन के साथ मीटिंग के बाद प्रेस कान्फ्रेस में कहा कि पुलिस निरपराध लोगों पर दंगों के मामले दर्ज कर रही है. मसानगंज में एक महिला ने शिकायत की कि उनका बेटा मोटर साइकिल से घर आ रहा था तो पुलिस उसे घर से अपने साथ ले गई और उसके खिलाफ 307 के अलावा कई मामले दर्ज कर दिए.

    इसी तरह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अधिवेशन लाखनी में था, लेकिन शहर पुलिस 13 नवंबर की हिंसा मामले में अभाविप की सूची मांग रही है. इस तरह निरपराध लोगों को टारगेट किया जा रहा है. जिसे भाजपा कतई सहन नहीं करेंगी. भाजपा के अमरावती बंद के दौरान हिंसा हुई. यह हम कबूल करते है, लेकिन यह हिंसा 12 नवंबर की घटना का रिएक्शन थी.

    फेंक न्यूज के आधार पर वेल प्लान मोर्चे

    उन्होंने कहा कि अमरावती शहर में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. हम किसी भी तरह की हिंसा का अथवा सांप्रदायिक उन्माद का समर्थन नहीं करते. त्रिपुरा में जो घटना हुई ही नहीं.  अल्पसंख्यक समुदाय ने गलत जानकारी के आधार पर मोर्चा निकाला. जो एक बड़ा षड़यंत्र मानता हूं. फेंक वीडियो में आग से घिरा दिखाई दे रहा वह सीपीआई का कार्यालय था.

    दिल्ली के एक कैंप व पाकिस्तान के फोटोज थे. मेरा स्पष्ट कहना है कि राज्य के अलग-अलग शहरों में एक ही समय एक ही दिन मोर्चे निकले. यह वेल प्लान थे. फेंक न्यूज के आधार पर मोर्चा निकालकर देश व राज्य में दंगा कराने की साजिश थी क्या, इसकी जांच होनी चाहिए.

    विशिष्ट दूकानों को बनाया लक्ष्य

    12 नवंबर को अमरावती शहर में मोर्चे की वापसी के समय विशिष्ट समाज की दूकानें टारगेट की गई. 13 नवंबर की हिंसा का समर्थन नहीं करता, लेकिन प्रशासन-शासन 12 नवंबर की घटना डिलीट कर केवल 13 नवंबर की घटना पर कार्यवाही कर रही है. एक ही व्यक्ति पर अलग अलग थानों में केसेस दर्ज की जा रही है. निरपराध लोगों पर कार्रवाई उचित नहीं है. एक तरफा कार्रवाई हो रही है. हमने पुलिस से कहा है कि हम सहयोग करने तैयार है.

    हनुमान नगर में जबरदस्त दहशत है. वहां पहले जैसा खोलापुरी गेट थाना होना चाहिए. प्रशासन व शासन इस दिशा में पहल करें, हम पूरी मदद करेंगे. पालकमंत्री यशोमति ठाकुर 12 नवंबर की घटना पर क्यों नहीं बोल रही है. क्या उन्हें अपना वोट बैंक बचाने की ही ज्यादा चिंता है, इस पर भी फडणवीस ने सवाल उठाए. पत्र परिषद में पूर्व मंत्री चंद्रशेखऱ बावनकुले, पूर्व पालकमंत्री डा. अनिल बोंडे, महापौर चेतन गावंडे, शहर अध्यक्ष किरण पातुरकर, एड. प्रशांत देशपांडे, तुषार भारतीय, निवेदिता चौधरी उपस्थित थे.             

    षडयंत्र के पीछे कौन                               

    सरकार से हमारी दरख्वास्त है कि 12 नवंबर की घटना के पीछे का षडयंत्र  जब तक नहीं ढूंढगे, तब तक 13 तारीख की घटना तक नहीं पहुंच पाएंगे.बिना किसी राजनीति के कार्रवाई करनी पडेंगी. ऐसी हमारी मांग है.