भूखंड़ घोटाले के लिये सागौन पेडों की अवैध कटाई, वन विभाग ने क्यों दबाया मामला ?

    धारणी. दुर्गम एवं पिछड़े मेलघाट क्षेत्र में अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी एवं तस्कर अनेक प्रकार के घोटले एवं भ्रष्टाचार की साजिश रचकर बड़े-बड़े मामले को अंजाम देते हैं. अपने निजी उपयोग के लिये सरकार ने धारणी तहसील में आने वाले मौजा तलाई की भूमि शेख बशीऱ शेखलाल को दी थी, लेकिन इसी जमीन को गलत तरीके से अधिकारी तथा कुछ भू-माफिया ने मिलकर फेरफार में गड़ीबड़ी किये जाने की जानकारी गुप्त सूत्रों ने दी हैं. 

    तत्कालीन एसपी ने उठाया था कदम

    प्राप्त जानकारी के अनुसार शेख बशीर शेख लाल के नाम की भूमि सीधे उनकी भांजी रुखसाना परवीन के नाम एक ही रात में कर दी गई. जैसे ही तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमरावती ग्रामीण को इस बारे में शिकायत मिली, तत्कालीन एसपी कृष्णप्रकाश ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी थी. इस मौके पर तत्कालीन पालकमंत्री सुनील देशमुख ने भी इस ममले का निरीक्षण किया था. इस समय धारणी वन परिक्षेत्र अधिकारी एस.एस कोलनकर मौजूद थे.

    इस समय काटे गए पेडों के सागौन का माल कहा गया, उक्त मामले में कौनसी कारवाई की गई, इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी  अब तक वन विभाग के पास मौजूद नहीं है. अब इस मामले में कई गंभीर सवालों का जवाब वन विभाग देने से कतरा रहा  है, ऐसी परिस्थिति में सागौन को वन विभाग ने  तस्करों को बेच दिया था या फिर कुछ और मामला है. ऐसा आरोप लगाया जा रहा है. इस बारे में वनविभाग के वरिष्ठ प्रशासन ने जानकारी देना चाहिए.

    वन विभाग की अधूरी जानकारी

    शेख बशीर शेखलाल ने 19 अक्टूबर 2019 को धारणी के वन विभाग के वनपरिक्षेत्र अधिकारी को पत्र लिखकर पूछा था, क्या सर्वे नंबर 35 (बी) में 19 सागौन के पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई थी?  इस संबंध में तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी धारणी पी.आर.भुजाडे ने 13 नवंबर 2019 को उनके पत्र व.प.अ./ धारणी/1698/19,20  जानकारी में यह बताई कि पेडों की कटाई बिना अनुमति की गई थी.

    महत्वपूर्ण बात यह है कि वन विभाग ने यह नहीं बताया कि पेडों की कटाई के मामले में क्या कारवाई की गयी थी और क्या सामान जब्त किया गया. इससे स्पष्ट है कि वर्ष 2007 में वन विभाग ने सागौन के 19 विशाल वृक्षों की कटाई के संबंध में कार्रवाई करने में विफल रहा था. या फिर मामले को दबाने की प्रक्रिया थी, इसकी पूरी जांच वरिष्ठ प्रशासन द्वारा करने की मांग जोर पकड़ रही है.

    पंचनामा में खुलासा

     अवैध सागौन कटाई का आरोप लगाते खेत सर्वे नंबर 35(बी) में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी कि धारणी वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय द्वारा 3 जुलाई 2020 को पंचनामा जारी किया गया था पंचनामें में सर्कल अधिकारी जी.एस. चव्हाण का प्रतिनिधित्व था,  जिसमें पंचों के सहित पंचनामा के दौरान 8 सागौन के पेड़ों की कटाई किये गये खुट मिले. खास बात यह है कि इस अवैध पेड़ की कटाई पंचनामा से 13 साल पहले यानी 2007 में की गई थी, लेकिन फिर भी  8 खुट मिले, पंचनामा में यह भी स्पष्ट किया गया था कि 2007 में खेत सर्वेक्षण 35 (बी) में 19 सागौन के पेड़ काटे गए थे. यह विशेष है.

    केस की करेंगे जांच

    कुछ दिन पहले ही धारणी वनपरिक्षेत्र अधिकारी पद का पदभार संभाला है, इस बारे में पूरी जानकारी लेकर केस का अभ्यास कर आगे का कदम उठाएगे. – पुष्पा सातरकर, वन परिक्षेत्र अधिकारी, धारणी