ST Strike
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    अमरावती. ग्रामीण क्षेत्रों की लाइफ लाइन एसटी बसें 40 दिनों से बंद पड़ी है. जिसके कारण ग्रामीण अंचलों की व्यवस्था ही ठप पड़ गई है. विशेषतः ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों से स्कूल-कालेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है. पहले ही कोरोना के कारण लगातार 2 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है.

    उसमें एसटी बसें बंद होने से स्कूल-कालेज जाने के लिए ग्रामीण विद्यार्थियों के सामने बड़ी ही दुविधा उत्पन्न हो गई है. खुद एसटी महामंडल के हड़ताली कर्मियों के बच्चों को भी इस मुश्किल से गुजरना पड़ रहा है. ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्र के लोग एक अकेली सुरक्षित व भरोसे वाली एसटी बस सेवा पर ही निर्भर रहते है. 

    बेअसर रहा अल्टीमेटम

    हालांकि राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब ने मेस्मा कानून लागू करते हुए एसटी महामंडल के हड़ताली कर्मियों को सोमवार 13 दिसंबर तक अल्टीमेटम दिया था, लेकिन यह अल्टीमेटम भी बेअसर रहा. राज्य सरकार में एसटी महामंडल का विलीनीकरण करने की प्रमुख मांग को लेकर 6 नवंबर 2021 से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर रखी है. हालांकि सरकार ने वेतन वृद्धि दी है, लेकिन एसटी कर्मियों ने साफ कहा दिया है कि मोबाइल रिचार्ज की तरह किसी तरह का कोई आफर नहीं बल्कि हमें केवल विलीनीकरण चाहिए.  

    दौड़ रही 12 एसटी बसें

    अमरावती जिला में हड़ताल के दौर में कुल 12 एसटी बसें दौड़ाई जा रही है. वरुड़-मोर्शी-अमरावती रूट पर यह सभी एसटी बसें चलाई जा रही है. जिससे डेली 80-90 हजार रुपए का कलेक्शन हो रहा है. जिले में कुल 2440 में से 346 एसटी कर्मी काम पर लौटे है.-श्रीकांत गभणे, नियंत्रक एसटी 

    निजी परिवहन महंगा

    आठ दिनों में एक बार एसटी बस से परतवाड़ा जाता हूं. एसटी बस का किराया सस्ता है, लेकिन एसटी बसें बंद होने से निजी परिवहन वाले मनमानी दरों पर किराया वसूल रहे है. जिससे आवागमण पर असर पड़ा है.-शाम जयराम झांरखंडे, परतवाड़ा, यात्री

    जेब ढीली कर रहे निजी परिवहन 

    एसटी बस बंद होने से अब विवश होकर निजी परिवहन का सहारा लेना पड़ रहा है. लेकिन किराया अत्याधिक होने से जेब ढीली करनी पड़ रही है. -शंकर चतुरसिंग परते, मध्य प्रदेश 

    एसटी की यात्रा सर्वाधिक सुरक्षित 

    शैक्षणिक कार्य से अमरावती आने-जाने के लिए एसटी किराये पर केवल 10 रुपए खर्च होते थे, अब एसटी बंद होने से निजी परिवहन के लिए 60 रुपए देने पड़ रहे है. एसटी यात्रा सर्वाधिक सुरिक्षित है, लेकिन निजी परिवहन में खतरा है.-विवेक महादेव रायपुरे, विद्यार्थी, अलमपुर, बुलडाना

    किराया दोगुना, यात्रा भी असुरक्षित

    एसटी बंद होने से ट्रैवल्स से यात्रा करनी पड़ रही है. किराया दोगुना है. उसमें यात्रियों से वाहन फुल हो जाने के बाद ही निजी ट्रैवल्स बस गंतव्य के लिए रवाना होती है. उनका समय से कोई लेना-देना नहीं होता. -गौतम गायकवाड, यात्री, टवलार, अचलपुर,

    यात्रियों की लूट  

    अमरावती से दर्यापुर तक एसटी की यात्रा 70 रुपये में होती है, लेकिन अब उसी यात्रा के लिए निजी परिवहन में 100 रुपए देने पड़ रहे है. इस तरह एसटी बंद होने से निजी परिवहन वाले लूट मचा रहे है. -सिध्दार्थ शिवरकर, यात्री, दर्यापुर

    कालेज के काम से कई बार अमरावती से बाहरगांव जाना पड़ता है. एसटी की यात्रा सुरक्षित व कम खर्चे की है. लेकिन अब निजी परिवहन में अत्याधिक किराया देना पड़ रहा है. विद्यार्थियों के लिए यह संभव नहीं है. -सुगत गजभिये, विद्यार्थी, अमरावती.