Fire broke out after gas cylinder blast at a house in Mumbai's Worli area, four people shifted to hospital
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    • शनिवार तडके भीषण अग्निकांड, बाल बाल बचा कात्रेला परिवार
    • 2 घर, 3 दुकान जलकर खाक

    अमरावती. जवाहर गेट के भीतर मुख्य मार्ग पर सराफा रोड स्थित कात्रेला परिवार की तीन मंजीला इमारत में जय मेटल्स, आरके मार्केटींग व गणेश श्रुंगार व्यापारी प्रतिष्ठान सहित 2 मकान में शनिवार तडके सुबह 4.15 बजे भीषण आग लगने से परिसर में सनसनी मच गई. अग्निकांड के दौरान ऊपरी मंजील में एक के बाद एक 4 गैस सिलेंडर, बैटरी व एसी का विस्फोट होने जवाहर गेट परिसर थर्राया गया. भाग्य से तीसरी मंजील पर रहने वाले रोशन कात्रेला का परिवार बाल-बाल बच गया. इस अग्निकांड में 3 प्रतिष्ठान व 2 घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए. जिसमें करोड़ों का नुकसान हुआ है. अग्निशमन की टीम को आग पर नियंत्रण लगने के लिए 5 से 6 घंटे फायर फायटिंग करना पड़ा. जिससे बडा अनर्थ होने से टल गया. संक्ररी मार्ग पर हुई इस अग्निकांड से मार्केट क्षेत्र को बडी क्षति होती.   

    सतर्कता से बचा कात्रेला परिवार

    जवाहर रोड पर कृष्णार्पण कालनी निवासी जयकुमार कात्रेला की जय मेटल मार्ट दुकान है, इस दुकान पर उनके रिश्तेदार उगम कात्रेला की गणेश श्रुंगार व आर.के.मार्केटीग नामक प्रतिष्ठान है, जबकि तीसरे मंजील पर उगम कात्रेला व रोशन कात्रे का परिवार रहता है.  शुक्रवार की रात 3 प्रतिष्ठान बंद करने के बाद उगम कात्रेला, रोशन कात्रेला, उनके परिवार की दो महिला, 25 वर्षीय बेटा ईशान व  बेटी मनिषा ऐसे सदस्य तीसरी मंजील के मकान में सो रहे थे. इस दौरान जय मेटल दुकान में अचानक आग लग गई. इस आग ने कुछ ही मिनटों में भीषण रुप ले लिया. नीचे के मंजील में लगी आग दुसरी मंजील की दुकानों तक पहुंच गई.

    इस दौरान पडोस में दुग्धपूर्णा डेअरी के संचालक नितेश पांडे को जय मेटल्स में आग दिखाई दी. जिसने तुरंत ऊपरी मंजील पर रहने वाले रोशन कात्रेला को जानकारी दी. आग तीसरी मंजील पर पहुंचने से पहले  कात्रेला परिवार के सदस्य पडोस में रहने वाले चांडक  के घर की छत से सुरक्षित निचे उतर आये.  कुछ ही पल में आग ने तीसरी मंजील को भी अपनी चपेट में ले लिया. सौभाग्य से कात्रेला परिवार बाल-बाल बच गया. 

    बाहरी तहसीलों से बुलाई दमकल गाडियां

    परिवार के बाहर निकलते ही तीसरी मंजील से एक के बाद एक 4 गैस सिलेंडर के विस्फोट हुए, इतना ही नहीं तो बैटरी व घर में लगी एसी का भी विस्फोट हुआ. इन विस्फोट के कारण पूरा परिसर थर्राया गया. इस दौरान नितेश पांडे ने जय मेटल के बाहर बिजली मीटर के पास लगी एलसीबी ट्रीप करके बिजली आपूर्ति बंद कर दी. जिसके बाद तत्काल अग्निशमन व बिजली कपंनी के कार्यालय में काल किया, लेकिन दोनों फोन बंद थे, जिसके चलते पांडे ने खुद अग्निशमन कार्यालय पहुंचकर जानकारी दी. जिसके बाद

    अग्निशमन के अधीक्षक सैयद अनवर के नेत्तृत्व में दमकल गाडियां वहां पहुंची. यह संक्ररी मार्ग होने से काफी मशक्कत के बाद गाडियों ने गेट के भीतर प्रवेश किया. दमकल कर्मियों ने पानी बरपाकर आग बुझाने का प्रयास किया. गैस सिलेंडर के विस्फोट के कारण आग और अधिक भीषण हो गई. इसीलिए अचलपुर, चांदुर बाजार, चांदुर रेलवे से अतिरिक्त दमकल गाडियों को बुलाना पड़ा. करीबन 5 से 6 घंटे संघर्ष करने के बाद 18 गाडियां पानी बरपाकर आग पर काबु पाया गया.

     तो सराफा बाजार हो सकता था बरबार्द

    जवाहर गेट से सक्करसाथ तक संक्ररी रास्ता होने से यह मार्केट की दुकाने एक दुसरे से चिपकी हुई है.इस परिसर में बडे बडे व्यापारी प्रतिष्ठान है, जबकि कुछ ही अंतर पर सराफा बाजार है. इसीलिए जय मेटल में लगी आग फैलती तो समूचा मार्केट क्षेत्र उसकी चपेट में आकर बरबार्द हो सकता था. जय मेटल के पडोस में कपडा बिक्री का मारवाडी स्टोअर्स है, जबकि दूसरी ओर चांडक का प्रतिष्ठान है. भाग्य से यह आग अन्य प्रतिष्ठानों तक नहीं पहुंची.

    कैश, आभूषण सहित मंहगी चीजे खाक

    जय मेटल मार्ट नामक बर्तन की दुकान में स्टिल, तांबे, पीतल सहित सभी प्रकार के धातु से बने बर्तन व लोहे की रैकी व विवाह समारोह के लिए लगने वाली सभी प्रकार की वस्तुए रहती थी, जो आग में गलकर खाक हो गई, जबकि गणेशश्रुंगार में साजो सामान व सजावटी के सभी मंहगी सामग्री थी. वहीं कात्रेला के घर की मंहगे फर्निचर, घरेलु सामग्री, कैश, सोने चांदी के आभूषण, दुकान के सामने साइकिल व बाइक भी जलकर खाक हो गई.

    पालकमंत्री ने दिए उपाय योजना के निर्देश

    आग के बारे में जानकारी मिलते ही पालकमंत्री एड.यशोमति ठाकुर ने तत्काल निगमायुक्त प्रवीण आष्टीकर व तहसीलदार संतोष काकडे को फोन कर इस हादसे को प्राकृतिक आपदा मानकर तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरु करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिये. सूचना पर तहसीलदार संतोष काकडे वहां पहुंचे, जबकि निगमायुक्त आष्टीकर के निर्देश पर अग्निशमन दल ने बर्तन बाजार परिसर में उपाय योजना चलाई. पूर्व महापौर विलास इंगोले, सुरेश रतावा, राजु भेले वहां पहुंचे. जिन्होंने अग्निकांड की वजह से हुए नुकसान का जायजा लेकर राहत व बचाव कार्य में अपनी ओर से यशासंभव सहायता दी.