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    अमरावती. फर्जी पीआर कार्ड बनाने के मामले में भूमि अभिलेख कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री आपरेटर स्वप्नील देवराव उंबरकर (29, प्रशांत नगर बगीचा) को आर्थिक अपराध शाखा ने हिरासत में लिया, जिसे कोर्ट में पेश कर 2 जुलाई तक पुलिस कस्टड़ी में लिया है. इससे पहले इसी प्रकरण में गिरफ्तार मास्टर माइंड संदीप चंद्रकांत राठी व नकली प्लाट मालिक प्रकाश विठोबा ठाकरे को 5 दिन पुलिस कस्टड़ी में लेने के बाद बुधवार को एमसीआर पर जेल रवाना किया है.

    गिरफ्तार पूर्व जमानत की अर्जी खारिज

    भूमि अभिलेख कार्यालय में कार्यरत एक लिपिक योगेश शिरभाते ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी दाखल की थी, लेकिन अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी. जिसकी भी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है. गाडगे नगर पुलिस ने भूमि अभिलेख अधिकारी अनिल फुलझेले की शिकायत पर कार्यालय के लिपिक योगेश शिरभाते व स्वप्निल उंबरकर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर आर्थिक अपराध शाखा को जांच सौंपी थी.

    कई नाम आ सकते है सामने

    आर्थिक अपराध शाखा के दल ने 2 दिन पहले संदीप राठी व प्रकाश ठाकरे को गिरफ्तार किया, जिससे पीआर कार्ड निश्चित रुप से किसने बनाया इसका पता चलने की संभावना के चलते सोमवार को योगेश शिरभाते ने अदालत में गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जबकि डाटा एंट्री आपरेटर स्वप्नील उंबरकर फरार होने के प्रयास में था, लेकिन ऐन मौके पर घर पहुंचकर आर्थिक शाखा ने उसे पकड़ लिया. आरोपी स्वप्नील उंबरकर को कोर्ट में पेश कर 2 जुलाई तक पुलिस कस्टड़ी में लिया है. जिससे पूछताछ की जा रही है. जिसमें कई नाम सामने आने की संभावना है.